बिहार में हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद राज्य और केंद्र स्तर पर नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले लिए गए हैं. मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी को हाल ही में मिली जान से मारने की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं. इसी क्रम में राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने कई वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा श्रेणियों की समीक्षा कर नई व्यवस्था लागू की है.

इसी समीक्षा के तहत पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की सुरक्षा में बदलाव किया गया है. उन्हें पहले मिली Z प्लस सुरक्षा को घटाकर अब Z कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की गई है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी Z कैटेगरी सुरक्षा दी गई है.

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इसके अलावा पूर्व मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार को Y प्लस कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की गई है. इन फैसलों को राज्य में सुरक्षा इनपुट और हाल के घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है.

डिप्टी सीएम की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला

एक दिन पहले ही बिहार में नेताओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया था. सरकार ने दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें Z कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की. इसके साथ ही उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है.

सरकार के अनुसार यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और विस्तृत समीक्षा के आधार पर लिया गया है. अब दोनों डिप्टी सीएम के साथ कमांडो तैनात रहेंगे और उनकी गतिविधियों की निगरानी और सख्त कर दी गई है.

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली थी. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया था. इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं.

नीतीश कुमार की सुरक्षा में बड़ा बदलाव

दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. अब वह राज्यसभा सांसद के रूप में दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहेंगे. इसे देखते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है.

अब उन्हें पूरे देश में Z प्लस कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की गई है. इस फैसले के बाद उनकी सुरक्षा देशभर में और सख्त कर दी गई है.

सुरक्षा एजेंसियां उनकी गतिविधियों पर करीबी नजर रखेंगी और किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं. बिहार में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर नेताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और किसी भी जोखिम से बचने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं.

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