बिहार की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो गया है. राज्य के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार 24 अप्रैल को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेगी. सरकार इस दिन विश्वास मत हासिल करने के लिए सदन का सामना करेगी.
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये पहली बार होगा जब वो सदन में अपनी सरकार की ताकत का प्रदर्शन करेंगे.
जुलाई में राज्य का मानसून सत्र शुरू होना है. इससे पहले 24 अप्रैल को एक दिवसीय विशेष सत्र होगा. इस सत्र का मुख्य एजेंडा नई सरकार का फ्लोर टेस्ट होगा.
नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. नीतीश कुमार अब केंद्रीय राजनीति में अपनी नई भूमिका निभाने जा रहे हैं. उन्होंने 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी, जिसके साथ ही बिहार में उनके सालों के लंबे शासन का अंत हो गया. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बीजेपी और जेडीयू (JD-U) गठबंधन ने सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना.
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. ये बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक पल था क्योंकि वो मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले बीजेपी के पहले नेता बने हैं. सम्राट चौधरी राजनीति में लगभग तीन दशकों से सक्रिय हैं, हालांकि उन्होंने करीब नौ साल पहले ही बीजेपी का दामन थामा था. उनकी इस तरक्की को राज्य में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव और नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
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सम्राट चौधरी से मिले नीतीश कुमार
बता दें कि आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी से उनके घर पर मुलाकात भी की. सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर की हैं. इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘जननेता, बिहार के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का आज मेरे सरकारी आवास पर आगमन हुआ. उनका अभिवादन स्वीकार्य कर मार्गदर्शन हासिल किया.’
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