महाराष्ट्र में अमरावती शहर के कटोरा नाका इलाके में मौजूद है एक अपार्टमेंट. नाम है कमल रेसीडेंसी. इसी अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर एक फ्लैट है, जिसके अंदर का घिनौना सच जैसे-जैसे बाहर आ रहा है, अमरावती शहर और अमरावती ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों की सांसे अटकती जा रही हैं. हर परिवार को यही डर सता रहा है कि पता नहीं कब कौन सा ऐसा वीडियो सामने आ जाए, जिसमें उनके किसी अपने की तस्वीरें हो.
दरअसल, हम बात कर रहे हैं उस फ्लैट की, जिसे सेक्स स्कैंडल में पकड़े गए चार आरोपियों में से एक ने किराये पर ले रखा था. उस फ्लैट में कोई परिवार नहीं रहता था. बल्कि सिर्फ लड़कियां और लड़के वहां आया-जाया करते थे. अब तक की पुलिस की तफ्तीश के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे कई वीडियो और तस्वीरें उसी फ्लैट में रिकॉर्ड किए गए हैं. फिलहाल, पुलिस ने उस फ्लैट पर ताला लगा दिया है.
उसी अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर रहने वाले श्रीकांत मक्केश्वर के मुताबिक चूंकि ये एक रिहायशी इलाका है और तीसरी मंजिल के इस फ्लैट में कोई परिवार नहीं रहता था, तो अक्सर यहां लड़के और लड़कियां आते रहते थे. इससे सोसायटी का माहौल भी खराब हो रहा था. श्रीकांत समेत इस अपार्टमेंट में रहने वाले कई लोगों ने फ्लैट के मालिक से इस बात की शिकायत भी की थी. फ्लैट का मालिक कहीं और रहता है.
श्रीकांत के मुताबिक, फ्लैट में आने वाली लड़कियां अमूमन बुर्के में होती या दुपट्टे से उनका चेहरा ढंका होता था. जिसकी वजह से उनकी पहचान उजागर नहीं होती थी. श्रीकांत के मुताबिक, अश्लील वीडियो के वायरल होने और इस फ्लैट का खुलासा होने के बाद इससे पहले कि पुलिस यहां पहुंचती, मानव नाम का एक व्यक्ति फ्लैट पर ताला लगा कर पुलिस के आने से पहले ही फरार हो गया था.
फ्लैट तो अमरावती शहर में है. लेकिन जिस सेक्स स्कैंडल का खुलासा हुआ है, उसके ज्यादातर किरदार अमरावती ग्रामीण इलाके के रहने वाले हैं. यानी ज्यूरिशडिक्शन अलग-अलग हैं. लिहाजा, अमरावती ग्रामीण पुलिस अमरावती शहर पुलिस से इस केस में मदद ले रही है. इस बीच इस सेक्स स्कैंडल को लेकर अमरावती ग्रामीण पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. जिनके नाम मोहम्मद साद और तबरेज़ खान हैं. इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपियों की तादाद अब चार हो गई है. इससे पहले पुलिस ने अयान अहमद और उजैर खान को गिरफ्तार किया था.
हालांकि इन चारों की इस सेक्स स्कैंडल में क्या-क्या भूमिका थी, फिलहाल पुलिस साफ-साफ नहीं बता पाई है. इस बीच गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 5 मोबाइल फोन और कुछ दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं. जिनकी जांच कर वीडियो और तस्वीरों की असली सोर्सेज और उनके दायरे के बारे में पता किया जा रहा है.
जिस तरह से हर गुजरते दिन के साथ सेक्स स्कैंडल से जुड़े वीडियो और तस्वीरों का दायरा बढ़ता जा रहा है, उसी के मद्देनजर अब इस मामले की जांच एक आईपीएस अफसर की अगुवाई में स्पेशल इनवेस्टिगेटिव टीम यानी एसआईटी को सौंप दी गई है. इस टीम में कुल 40 पुलिस वाले होंगे. जिनमें दो महिला स्टाफ भी होंगी.
हालांकि अमरावती ग्रामीण पुलिस के सामने इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती ये है कि अभी तक एक भी पीड़िता या उसका परिवार पुलिस में रिपोर्ट लिखाने नहीं आया है. जाहिर है रुसवाई और बदनामी के डर से कोई भी पुलिस के पास रिपोर्ट लिखाने नहीं जाना चाहता. अमरावती ग्रामीण पुलिस ने बाकायदा बयान जारी कर ऐसे परिवारों के नाम अपील की है कि वो पुलिस में अपनी रिपोर्ट लिखाएं. उनकी पूरी शिकायत महिला अफसरों के सामने ही सील बंद कर दी जाएगी और किसी को भी उनकी शिकायत की सच्चाई नहीं पता चलेगी. हालांकि पिछले तीन दिनों से अमरावती ग्रामीण पुलिस बार-बार लगातार पीड़ित परिवारों से अपील कर रही है. लेकिन अभी तक एक भी पीड़िता या उनका परिवार भले ही गोपनीय तरीके से पुलिस के सामने बयान देने नहीं आया है.
अब सवाल ये है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सिर्फ तस्वीरों के आधार पर पुलिस इस केस को अदालत तक कैसे ले जाएगी? और उससे भी बड़ा सवाल ये कि क्या अदालत में ये केस टिक पाएगा? ये बात सरकारी वकील भी अच्छी तरह जानते हैं. उनका कहना है कि अगर पीड़िता सामने नहीं आती तो परिवार के किसी सदस्य का बयान भी आरोपियों को सजा दिलाने के लिए काफी है. हालांकि ऐसे बहुत से मामले हुए हैं, जिनमें शिकायतकर्ता सामने नहीं आए, लेकिन इसके बावजूद डिजिटल या सरकमस्टैंशियल एविडेंस की बिनाह पर भी केस लड़ा गया है.
वैसे पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की तफ्तीश में ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे ये साबित हो सके कि ये सेक्स स्कैंडल ब्लैमेलिंग के लिए चलाया जा रहा था. यहां मामला उल्टा था. आरोपियों से शुरुआती पूछताछ के बाद इस सेक्स स्कैंडल को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो और तस्वीरें खुद एक दोस्त ने ही डाल दी थी. असल में इस दोस्त को कुछ पैसे चाहिए थे. पर दूसरे दोस्त ने देने से मना कर दिया था. बस गुस्से में उसने उसके वीडियो जो उसी दोस्त ने उसी मोबाइल पर भेजे थे, उसे टेलीग्राम एप पर डाल दिया.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल इन तमाम वीडियो और तस्वीरों का पूरा मामला गर्लफ्रेंड और ब्वॉयफ्रेंड से जाकर जुड़ता हुआ दिखाई देता है. यही वजह है कि अब तक ऐसी एक भी पीड़िता पुलिस के पास नहीं आई, जो ये शिकायत करे कि उसे ब्लैकमेल किया जा रहा है. असल में मुख्य आरोपी अयान की गिरफ्तारी के बाद पता चला इस वायरल वीडियो के पीछे एक और लड़का है, जो अयान का दोस्त है. उसका नाम उजैर इकबाल है. पुलिस ने उजैर को भी उठा लिया. दोनों से पूछताछ के बाद एक अजीब कहानी सामने आई. हालांकि ये शुरुआती कहानी है.
कहानी ये कि 19 और 20 साल के अयान और उजैर दोस्त हैं. दोनों अमरावती के ही रहने वाले हैं. इन दोनों के बीच इस बात को लेकर कॉम्पीटिशन था कि किसकी कितनी गर्लफ्रेंड है. सही गिनती साबित करने के लिए ये बाकायदा अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के वीडियो बनाते थे. उस पल के जब दोनों तन्हा होते. अयान के ऐसे कुल 8 वीडियो उजैर इकबाल के पास थे. कुछ दिन पहले ही उजैर ने अयान से कुछ पैसे मांगे. अयान ने मना कर दिया. इसी के बाद उजैर ने अयान के वीडियो टेलीग्राम एप पर डाल दिए. दो दिन में वीडियो वायरल हुआ और अमरावती में हंगामा मच गया. हालांकि अमरावती पुलिस फिलहाल वीडियो वायरल करने की मंशा के पीछे की वजह फिलहाल साफ नहीं बता रही है.
फिलहाल, अमरावती पुलिस ने भारी भरकम एसआईटी टीम तो गठित कर दी, मामले की जांच भी शुरू हो गई है. यहां तक कि 6 पीड़िता की शिनाख्त भी की जा चुकी है. बस, केस को आगे बढ़ाने के लिए अब इंतजार है पीड़िता के सामने आने और रिपोर्ट लिखाने की. पर सवाल ये है कि क्या पुलिस सचमुच उनका भरोसा इस हद तक जीत पाएगी कि वो खुद की इज्जत दांव पर लगा कर गोपनीय ही सही पुलिस में रिपोर्ट लिखाएं या अपना बयान दें? ये सवाल इसलिए है कि बीते चार दिनों से सोशल मीडिया पर जो वीडियो या तस्वीरें वायरल हैं, उन्हें ही पूरी तरह अब तक पुलिस रोक नहीं पाई है.
(अमरावती से धनंजय साबले का इनपुट)
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