ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच अब एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है. दोनों देशों के बीच अगले दौर की बातचीत अगले हफ्ते इस्लामाबाद में हो सकती है. हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन जमीन पर हो रही गतिविधियां इस ओर इशारा कर रही हैं.
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों बताया कि C-17 ग्लोबमास्टर III जैसे भारी अमेरिकी सैन्य विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं. यह एयरबेस इस्लामाबाद के बेहद करीब है. इसके साथ ही एयरपोर्ट से इस्लामाबाद के रेड जोन तक जाने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे साफ है कि सुरक्षा इंतजाम काफी कड़े किए जा रहे हैं.
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इतना ही नहीं, इस्लामाबाद के बड़े होटलों खासतौर पर सेरेना होटल और मैरियट होटल को भी खाली कराया जा रहा है. नए बुकिंग पर रोक लगा दी गई है. सेरेना होटल में पहले दौर की बातचीत 11 अप्रैल को हुई थी. हालांकि, 24 अप्रैल को शुक्रवार पड़ रहा है लेकिन दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर 21 अप्रैल को खत्म हो रही है. अभी स्पष्ट नहीं है कि सीजफायर को आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं, जहां ट्रंप इसे आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं.
पाकिस्तान के साथ संपर्क में अमेरिका-ईरान
अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के प्रतिनिधि पिछले दौर की बातचीत के बाद से लगातार इस्लामाबाद के जरिए संपर्क में हैं और कोशिश है कि अगले दौर से पहले एक “मैक्सिमम अंडरस्टैंडिंग” बना ली जाए. पहले रिपोर्ट आई थी कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधि रविवार तक इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं और सोमवार को औपचारिक बातचीत शुरू हो सकती है लेकिन इससे ईरान ने इनकार कर दिया था.
इस पूरी घटना में पाकिस्तान की भूमिका भी काफी अहम हो गई है. आसिम मुनीर ने हाल ही में ईरान का दौरा किया, जहां उन्होंने ईरानी नेतृत्व से मुलाकात की. इस दौरान क्षेत्र में शांति और बातचीत के जरिए हल निकालने पर जोर दिया गया.
…तो राष्ट्रपति ट्रंप खुद जाएंगे पाकिस्तान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी हाल ही में कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट को कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया गया है, जो बातचीत के माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है.
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अमेरिका की तरफ से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कहा है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता होता है, तो वह खुद इस्लामाबाद आकर उस डील पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. उन्होंने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा कि उसने इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई है.
एक पाकिस्तानी अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल के साथ-साथ मीडिया के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इससे यह साफ है कि इस संभावित बातचीत को लेकर पाकिस्तान पूरी तरह एक्टिव मोड में है.
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल के दूसरे हफ्ते में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था. हालांकि पाकिस्तान की पहल पर 8 अप्रैल को दो हफ्ते का सीजफायर जरूर हुआ था, जिसने आगे बातचीत का रास्ता खोला.
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