महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत वाले विमान हादसे की जांच में अब नया मोड़ आ गया है. महाराष्ट्र सीआईडी ने बताया है कि एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार द्वारा दर्ज कराई गई जीरो FIR को भी जांच में शामिल किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, रोहित पवार ने यह जीरो FIR पिछले महीने बेंगलुरु में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(1) के तहत दर्ज कराई थी. यह कदम उन्होंने उस समय उठाया जब उनका आरोप था कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनकी शिकायत के बावजूद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की.
बाद में यह जीरो FIR बेंगलुरु से पुणे जिले के बारामती तालुका पुलिस थाने भेजी गई, जहां से इसे आगे की कार्रवाई के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया. पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि बेंगलुरु पुलिस से मिले दस्तावेजों को विधिवत सीआईडी को भेजा गया है.
इस संबंध में महाराष्ट्र सीआईडी प्रमुख और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद ने बताया कि जीरो FIR को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 180 के तहत गवाह के बयान के रूप में दर्ज कर जांच में शामिल किया जाएगा. यह धारा जांच के दौरान गवाहों के बयान दर्ज करने से संबंधित है.
28 जनवरी को हुआ था हादसा
गौरतलब है कि 28 जनवरी को एक लियरजेट 45 विमान जो मुंबई से बारामती जा रहा था, बारामती हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद मानक प्रक्रिया के तहत पुणे ग्रामीण पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी, जिसके आधार पर सीआईडी ने अपनी जांच शुरू की.
इसके अलावा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो भी इस हादसे की अलग से जांच कर रहा है और उसने 28 फरवरी को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट भी सुन दी है. अब जीरो FIR के शामिल होने से जांच में नए फैक्ट्स और पहलुओं के सामने आने की संभावना जताई जा रही है.
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