‘महज रास्ता नहीं, लाइफलाइन है होर्मुज’, महंगाई की आहट के बीच कुवैत की बड़ी चेतावनी! – strait of hormuz kuwait Meshal Mustafa J Al Shemali perspective global energy security maritime tensions oil supply impact diplomacy ntc agkp


भारत में कुवैत के राजदूत मेशाल मुस्तफा जे. अल-शेमाली ने होर्मुज की खाड़ी में चल रहे तनाव पर चिंता जाहिर की है. उन्होंने बताया कि यह समुद्री मार्ग सिर्फ तेल सप्लाई का रास्ता नहीं है बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन है. इस रास्ते से दुनिया के 20 फीसदी तेल की सप्लाई होती है.

उन्होंने कहा कि अगर यह समुद्री मार्ग बंद हुआ तो तेल, दवाइयां, खाद और खाने-पीने की चीजें सब महंगी हो जाएंगी और इसका करोड़ों लोगों की जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा. कुवैत ने साफ कहा है कि यह रास्ता हर हाल में खुला रहना चाहिए.

कुवैत की पूरी अर्थव्यवस्था तेल पर टिकी है. कुवैत का तेल बाहर जाता है और दुनिया का सामान अंदर आता है, यह सब होर्मुज के रास्ते होता है. अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो कुवैत का तेल बाहर नहीं जा पाएगा, कमाई रुक जाएगी और पूरी अर्थव्यवस्था हिल जाएगी.

होर्मुज बंद होने से क्या-क्या होगा?

राजदूत अल-शेमाली ने बताया कि होर्मुज में रुकावट से दुनिया पर कई तरह के असर पड़ेंगे. तेल और पेट्रोकेमिकल की कीमतें अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी. जहाजों का बीमा और किराया महंगा हो जाएगा जिससे हर चीज की ढुलाई महंगी हो जाएगी. दुनिया भर में सप्लाई चेन टूट जाएगी यानी सामान समय पर नहीं पहुंचेगा.

खाद यानी फर्टिलाइजर की सप्लाई रुक जाएगी क्योंकि खाद बनाने में पेट्रोकेमिकल का इस्तेमाल होता है. खाद नहीं मिली तो खेतों में फसल कम होगी और खाने की चीजें महंगी होंगी. दुनिया के उन देशों में जो खाने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हैं, वहां भुखमरी का खतरा पैदा हो सकता है.

दवाइयां भी इससे प्रभावित होंगी. दवा बनाने में भी पेट्रोकेमिकल का इस्तेमाल होता है और उनकी ढुलाई भी इसी रास्ते से होती है. दवाइयों में देरी हो सकती है और जरूरी मेडिकल सामान की कमी हो सकती है.

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गरीब लोगों पर सबसे ज्यादा मार पड़ेगी

इसका सबसे बुरा असर दुनिया के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ेगा. अगर तेल महंगा हुआ तो खाना पकाने का गैस महंगा होगा, गाड़ियों का पेट्रोल-डीजल महंगा होगा और इससे हर रोज की जिंदगी मुश्किल हो जाएगी. जो लोग पहले से आर्थिक तंगी में हैं, उनके लिए यह और भी मुश्किल हो जाएगा.

कुवैत का साफ रुख क्या है?

कुवैत ने इस मामले पर बिल्कुल साफ बात कही है. होर्मुज की खाड़ी एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है और UNCLOS यानी समुद्री कानून के मुताबिक हर देश के जहाज को यहां से गुजरने का हक है. कुवैत ने कहा कि वो किसी भी देश की उस कोशिश का विरोध करता है जो इस रास्ते को रोकना चाहे या इसका कानूनी दर्जा बदलना चाहे. कुवैत चाहता है कि सभी देश समुद्री कानून का पालन करें.

कुवैत ने ईरान से क्या कहा?

राजदूत अल-शेमाली ने ईरान का नाम लेते हुए कहा कि ईरान समेत सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए और जहाजों को गुजरने देना चाहिए. यह एक बहुत अहम बयान है क्योंकि इस वक्त ईरान ही होर्मुज पर रोक लगाए हुए है और कुवैत ने सीधे उसका नाम लेकर कानून मानने की बात कही.

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समाधान क्या है?

कुवैत के राजदूत ने कहा कि होर्मुज की सुरक्षा किसी एक देश के जोर-जबरदस्ती से नहीं बल्कि बातचीत, आपसी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन से ही होगी. उन्होंने कहा कि यह पूरी दुनिया की साझी जिम्मेदारी है और सभी देशों को मिलकर इस रास्ते को सुरक्षित रखना होगा.

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