कानपुर के किदवई नगर में दो मासूम बेटियों की हत्या ने पूरे शहर को सन्न कर दिया है. आरोपी पिता शशिरंजन ने पुलिस पूछताछ में वारदात कबूल कर ली है. उसकी बताई कहानी ने लोगों को झकझोर दिया है, लेकिन हत्या के पीछे दिए गए उसके तर्क किसी को भी स्वीकार नहीं हो रहे.
डेढ़ घंटे में दो हत्याएं, एक जैसी बर्बरता
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दोनों बेटियों को करीब डेढ़ घंटे के अंतराल में मौत के घाट उतारा. उसने बताया कि रात लगभग 1:50 बजे बड़ी बेटी रिद्धि को सोते समय पहले गला दबाया. इसके बाद उसे बिस्तर से नीचे उतारकर चादर पर लिटाया और धारदार हथियार और हथौड़े से वार किया.
पहली हत्या के बाद वह कुछ देर के लिए वापस बिस्तर पर जाकर लेट गया. फिर करीब 3:35 बजे उसने दूसरी बेटी सिद्धि के साथ भी वही तरीका अपनाते हुए उसकी हत्या कर दी.
पांच दिन पहले खरीदा हथियार, पहले से रची थी साजिश
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कई दिनों से इस वारदात की योजना बना रहा था. उसने पांच दिन पहले मूलगंज से करीब 500 रुपये में एक चापड़ खरीदा और उसे घर की अलमारी में छिपाकर रखा. उसने कई बार बेटियों को मारने की कोशिश की, लेकिन हर बार वह पीछे हट गया- आखिरकार उसने अपने इरादे को अंजाम दे दिया.
घटना से पहले सब सामान्य, साथ बैठकर खाया खाना
आरोपी की पत्नी रेशमा के अनुसार, घटना वाली रात घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था. शशिरंजन रोज से पहले घर आ गया था. परिवार ने साथ बैठकर खाना खाया और किसी तरह का विवाद नहीं हुआ. रात करीब 10 बजे दोनों बच्चियां अपने कमरे में सोने चली गई थीं.
‘मुझे ज्यादा दिन नहीं जीना… उनके बाद क्या होता?’- आरोपी का तर्क
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि वह डिप्रेशन से जूझ रहा था. घर से कुछ दवाइयां और नशीले पदार्थ भी बरामद हुए हैं. पूछताछ के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उसमें किसी तरह का पछतावा नजर नहीं आया. आरोपी ने कहा कि उसे लगता था वह ज्यादा समय तक जीवित नहीं रहेगा. उसने पत्नी पर बेटियों की देखभाल न करने का आरोप भी लगाया और कहा कि उसके बाद बच्चियों का क्या होगा-इसी चिंता में उसने हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दे दिया.
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