परमाणु प्लांट से फैल गया था रेडिएशन, 22 हजार मौतें… जापान में सुनामी अलर्ट से याद आया 2011 का मंजर – japan earthquake 7 4 magnitude tsunami warning emergency response ntcpvp


जापान में सोमवार को जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता, रिक्टर स्केल पर 7.4 रही. भूकंप के बाद जापान के मौसम विभाग ने सुनामी की आशंका जताते हुए तटीय इलाकों रहने वाले लोगों से तुरंत इलाका खाली करने की अपील की है. इसके साथ ही जापान की पीएम सनाए ताकाइची ने आपात स्थिति से निपटने के लिए एक इमरजेंसी टास्क फोर्स का गठन किया गया है.

जापान में सामने आ रही इस तरह की खलबली की खबरों ने लगभग 15 साल पहले आए भूकंप और सुनामी की यादें ताजा कर दी हैं.

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद, लोगों से तटीय क्षेत्रों को छोड़कर सुरक्षित ऊंचाइयों पर जाने की अपील की है. भूकंप के कारण टोक्यो और ओमोरी के बीच बुलेट ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं और बिजली कंपनियां परमाणु प्लांट्स समेत अपनी सुविधाओं की जांच कर रही हैं.

15 साल पहले आई थी विनाशकारी सुनामी
जापान में 11 मार्च 2011 को आए 9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी को 15 साल हो चुके हैं. इस आपदा ने उत्तरी जापान के कई हिस्सों को तबाह कर दिया था, जिसमें 22,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और करीब 5 लाख लोगों को अपने घर छोड़ना पड़ा था. इनमें से अधिकांश लोग सुनामी की वजह से बेघर हो गए थे, जिन्हें कहीं और बसाना पड़ा था.

2011 Tōhoku earthquake and tsunami के बाद फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से रेडिएशन फैलने के कारण लगभग 1.6 लाख लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा. इनमें से करीब 26,000 लोग आज भी वापस नहीं लौट पाए हैं. कई लोग दूसरी जगह बस गए हैं, कुछ इलाकों में अब भी एंट्री बैन है, और कई लोगों को रेडिएशन को लेकर अब भी चिंता है.

जापान सुनामी

11 मार्च 2011 को जापान के होन्शू द्वीप के उत्तर-पूर्वी तट के पास समुद्र के नीचे 9.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने 30 मिनट के भीतर भीषण सुनामी पैदा कर दी थी.यह भूकंप जापान ट्रेंच के पास आया था, जहां पैसिफिक प्लेट ओखोत्स्क माइक्रोप्लेट के नीचे धंसती है. लगभग 300 किमी लंबी और 150 किमी चौड़ी दरार में समुद्र तल 50 मीटर तक खिसक गया था.

जापान के इतिहास का सबसे शक्तिशाली भूकंप
यह जापान के इतिहास का सबसे शक्तिशाली भूकंप और 1900 के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा भूकंप था. इसके झटके रूस, ताइवान और चीन तक महसूस किए गए. 30 मिनट के भीतर 40 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें जापान के उत्तर-पूर्वी तट से टकराईं. कई जगहों पर पानी 10 किमी तक अंदर घुस गया और सेंदाई व इवाते जैसे इलाकों में भारी तबाही मच गई.

इस आपदा में 1.23 लाख से ज्यादा घर पूरी तरह तबाह हो गए और 10 लाख से अधिक क्षतिग्रस्त हुए. कुल नुकसान का 98 प्रतिशत हिस्सा सुनामी की वजह से हुआ था. सुनामी के कारण फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र के कूलिंग सिस्टम फेल हो गए, जिससे तीन रिएक्टर मेल्टडाउन का शिकार हुए. रेडिएशन लीक के चलते 20 किमी का इलाका खाली कराना पड़ा और हजारों लोग प्रभावित हुए. इस हादसे को लेवल-7 परमाणु आपदा घोषित किया गया था, जो चेरनोबिल के बराबर कहा जाता है.

2021 तक इस आपदा में 15,899 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि 2,526 लोग लापता रहे. 6,000 से ज्यादा लोग घायल हुए. यह अब तक की सबसे महंगी प्राकृतिक आपदा मानी जाती है, जिसमें 220 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ. इस घटना के बाद ही दुनियाभर में सुनामी अलर्ट सिस्टम को और मजबूत किया गया.

जापान सुनामी

अभी क्या स्थिति है, पॉइंट्स में समझें

1. जापान के उत्तरी तट के पास सोमवार को एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी अलर्ट जारी किया.

2. यह भूकंप 7.5 तीव्रता का था, जो उत्तरी जापान के सानरिकु तट के पास शाम करीब 4:53 बजे (GMT 0753) आया.

3. भूकंप का केंद्र समुद्र की सतह से करीब 10 किलोमीटर नीचे था.

4. इवाते प्रांत के कुजी बंदरगाह पर करीब 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी दर्ज की गई, जबकि एक अन्य बंदरगाह पर 40 सेंटीमीटर की लहर देखी गई.

5. लोगों से अगले एक सप्ताह तक संभावित आफ्टरशॉक्स के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है.

6. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में सुनामी की लहरें 3 मीटर तक ऊंची हो सकती हैं.

7. इवाते और आओमोरी के अलावा दक्षिण-पूर्वी होक्काइडो में भी सुनामी अलर्ट जारी किया गया है.

8. मियागी और फुकुशिमा के तटीय इलाकों के लिए हल्का अलर्ट (एडवाइजरी) जारी किया गया है.

9. पिछले दिसंबर (2025) में भी 7.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे.

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