गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुलते ही चार धाम यात्रा के अलग-अलग रंग दिखाई देने लगे हैं. जहां बड़ी संख्या में देशभर से तीर्थयात्री हरिद्वार से चार धाम के लिए रवाना हो रहे हैं. वहीं, महाराष्ट्र से आया एक किन्नर दल भी इस यात्रा का साक्षी बनने जा रहा है. किन्नरों के इस दल में करीब आठ लोग शामिल हैं. हरिद्वार के माया देवी मंदिर में विधिवत पूजा करने के बाद यह दल दो गाड़ियों से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुआ.
किन्नर दल ने हरिद्वार स्थित माया देवी मंदिर के पुजारी से अपनी गाड़ियों की पूजा करवाई और स्वयं गाड़ी की आरती उतारकर नारियल फोड़ा. फिर गाड़ी के पहियों के नीचे नींबू रखकर जय घोष करते हुए चार धाम यात्रा पर निकल पड़े. इनकी मनोकामना है कि किन्नरों को लेकर जो हालिया ट्रांसजेंडर बिल आया है, वो हर हाल में खारिज होना चाहिए. साथ ही, सभी देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना भी ये किन्नर कर रहे हैं.
पुणे से आई किन्नर मालता ने बताया कि हम लोग बहुत उत्साह के साथ आए हैं. भगवान से यही प्रार्थना है कि हाल ही में जो ट्रांसजेंडर बिल लाया गया है, उससे किन्नर समुदाय संतुष्ट नहीं है और ये जल्द से जल्द खारिज होना चाहिए. किन्नरों से उनका हक छीना जा रहा है. इसलिए हम भगवान से प्रार्थना करने आए हैं. साथ ही, हम यह भी दुआ कर रहे हैं कि यहां आने वाले हर शख्स की मुराद पूरी हो. गंगोत्री-यमुनोत्री के बाद हम केदारनाथ और फिर बद्रीनाथ दर्शन के लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इस पावन भूमि पर हर किसी को आना चाहिए.
नागपुर से आई एक किन्नर खुशी ने कहा कि मैं कामना करती हूं कि यहां आने वाले हर व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो. उन्हें जीवन में खूब आनंद मिले. भगवान हमारी भी मनोकामना पूरी करे और किन्नरों के लिए लाया गया नया ट्रांसजेंडर बिल रद्द हो.
नागपुर से आई एक अन्य किन्नर आयशा का कहना है कि हम लोग चार धाम यात्रा के लिए जा रहे हैं. हमारी प्रार्थना है कि भगवान हर किसी की तकलीफ दूर करे. सबको खुश रखे. जिन लोगों को समस्या का निवारण नहीं मिल रहा, हम उनके लिए भी प्रार्थना करेंगें. हमारा लोगों से यही निवेदन है कि वो भी चार धाम यात्रा पर आएं और अपना जीवन खुशहाल बनाएं.
क्यों नाराज हैं किन्नर?
पिछले महीने लोकसभा में ट्रांसजेंडर एक्ट में संशोधन विधेयक पेश किया गया था. इस बिल को लेकर देशभर में किन्नरों ने विरोध प्रदर्शन किया. किन्नर समुदाय इस बिल में निहित उस प्रावधान से नाराज है जिसमें ट्रांसजेंडर आइडेंटिटी की पुष्टि के लिए शरीर की मेडिकल जांच कराना अनिवार्य माना गया है. ट्रांसजेंडर को मेडिकल जांच के बाद प्रमाण पत्र भी लेना होगा. इसी के आधार पर उनकी आइडेंटिटी डिक्लेयर होगी. अब सिर्फ सेल्फ सर्टिफिकेशन मान्य नहीं होगा.
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