सीनियर एक्टर राकेश बेदी को उनकी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में जबरदस्त परफॉरमेंस के लिए खूब सराहना मिली. आदित्य धर की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर गेम चेंजर साबित हुई. इसने कई रिकॉर्ड तोड़े और कई बड़े रिकॉर्ड्स खड़े भी कर दिए. राकेश, फिल्म में एक चालाक और उलझाने वाले पाकिस्तानी राजनेता जमील जमाली के किरदार में नजर आए हैं, जो अंत में हिंदुस्तानी एजेंट निकलता है.
फराह से नाराज हैं राकेश बेदी
हाल ही में फिल्ममेकर फराह खानराकेश बेदी के घर मेहमान बनकर पहुंचीं. इस मुलाकात का ब्यौरा उन्होंने अपने नए यूट्यूब व्लॉग में दिया है. चैट के दौरान राकेश ने माना कि वे फराह से नाराज हैं, क्योंकि डायरेक्टर ने उन्हें अपनी किसी भी फिल्म में कभी कास्ट नहीं किया. बातचीत के दौरान राकेश ने फराह से कहा, ‘मैं तुमसे भी बहुत नाराज हूं, क्योंकि तुमने मुझे अपनी किसी भी फिल्म में नहीं लिया.’ फराह ने जवाब में पूछा, ‘मुझे बोल, कौन-सी पिक्चर में तेरे लिए रोल अच्छा था?’ उन्होंने ‘मैं हूं ना’ में सतीश शाह वाले रोल का उदाहरण दिया.
राकेश इस बहाने को मानने को तैयार नहीं थे. वो मजाक में बोले, ‘दो डायलॉग बहुत कॉमन हैं हमारी इंडस्ट्री में. पहला- ‘अरे तू बता कौन-सी फिल्म में लेता’ और दूसरा- ‘अगली फिल्म में पक्का लूंगा.’ फराह ने भी वही डायलॉग दोहराया और कहा कि वो अपनी अगली फिल्म में राकेश को जरूर रोल देंगी. दोनों हंसने लगे और राकेश ने कहा कि वे फराह से कभी नाराज नहीं रह सकते.
राकेश बेदी की बेटी रितिका बेदी ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ देखने के बाद अपना पहला रिएक्शन शेयर किया. रितिका ने पिता को लेकर कहा, ‘मुझे याद है मैंने स्क्रीनिंग में उन्हें ढूंढकर गले लगाया और रोने लगी. क्योंकि बेटी के नाते ये मेरे लिए वैलिडेशन जैसा था. मैं बेहद गर्व महसूस कर रही हूं.’ एक्टर की पत्नी आराधना बेदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि यह सफलता उन्हें अब मिली है, क्योंकि मेरी बेटियां देख पाईं कि फेम क्या होता है.’
फिल्म के लिए नहीं मिले थे पैसे
इस बातचीत के दौरान फराह खान ने राकेश बेदी से पूछा कि क्या अब उन्हें फिल्मों के लिए पैसे मिलते हैं. इसपर एक्टर ने कहा- हां. फराह ने कहा कि पुराना वक्त काफी खराब था. तब राकेश समेत अन्य सितारों को पिक्चर में काम तो मिलता था, लेकिन पेमेंट नहीं होती थी. डायरेक्टर ने फिल्म ‘साथ साथ’ का जिक्र किया. 1982 की इस फिल्म को लेकर एक्टर ने कहा कि वो अकेली फिल्म है, जिसके लिए उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला था. उन्हें ट्रैवल के पैसे भी नहीं मिले और वो घर से ही अपना खाना भी लेकर जाते थे.
इससे पहले राकेश बेटी ने फिल्म ‘साथ साथ’ को लेकर एक इंटरव्यू में भी बात की थी. उन्होंने कहा था, ‘मुझे याद है, एक बार मैं शूटिंग कर रहा था और मुझे पैसे की बहुत जरूरत थी. उस फिल्म में हीरो एक बड़ा स्टार था, मैं उसका नाम नहीं लूंगा. प्रोड्यूसर सेट पर आया तो उसके हाथ में पैसों का पैकेट था. मैं साफ देख सकता था कि उसमें पैसे हैं. तो मैंने कहा, ‘सर, मेरी इंस्टॉलमेंट ड्यू है, मुझे पैसे चाहिए.’ उसने कहा, ‘यार अभी तो पैसे नहीं हैं.’ तो मेरे मुंह से निकल गया, मैंने कहा, ‘पैसे तो हैं.’ उसने कहा, ‘यार, हीरो को देने हैं ये…’ और तभी मुझे समझ आया कि इंडस्ट्री में काम इसी तरह चलता है.’
उन्होंने आगे कहा था, ‘उस समय मैंने खुद को समझा लिया कि यही नॉर्म है और इसे स्वीकार करना पड़ता है. अगर मुझे या किसी और एक्टर को हायरार्की मिल रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि मैं दूसरे को कम समझूं, नीचा समझूं या जानवरों की तरह ट्रीट करूं. मैं किसी भी ड्रेसमैन से अपने जूते नहीं पहनवाता. ज्यादातर एक्टर्स पहनवाते हैं. मुझे लगता है कि ये अपमानजनक बात है.’
फराह ने बनाई ये पिक्चरें
फराह खान की फिल्मों के बारे में बात करें तो उन्होंने ‘मैं हूं ना’, ‘ओम शांति ओम’ और ‘तीस मार खान’ जैसी मजेदार और आइकॉनिक बॉलीवुड फिल्मों का निर्देशन किया है. उनकी पिछली डायरेक्टोरियल फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर थी’, जो 2014 में रिलीज हुई थी. फराह ने 2025 में अपनी टीम के कहने पर यूट्यूब व्लॉगिंग शुरू की. उन्होंने अपने कुक दिलीप को अपने व्लॉग का साथी बनाया और उन्हें वीडियो में पंचलाइन्स देने को कहा. उनकी मस्ती भरी वीडियोज ने दिलीप को इंटरनेट पर ओवरनाइट सेंसेशन बना दिया.
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