‘तेहरान ब्लैकमेलर नहीं है’, अमेरिका को ईरानी डिप्टी स्पीकर निकजाद की दो-टूक – Iran Is Not Blackmailer Warns Ali Nikzad US Talks Face Trust Deficit mdsb ntc


ईरानी संसद के प्रथम उपाध्यक्ष अली निकजाद ने समाचार एजेंसी IRNA को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिका को सख्त संदेश दिया है. निकजाद ने कहा कि ईरान ब्लैकमेलर नहीं है और अगर दुश्मन वार्ता को लेकर ऐसा नजरिया रखता है, तो उसे अभी से अपनी विफलता मान लेनी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ‘अधिकार की कूटनीति’ और गरिमा के साथ अपने राष्ट्रीय अधिकारों की रक्षा करेगा.

निकजाद ने अमेरिका पर वार्ता के दौरान ‘अत्यधिक मांगें’ रखने का आरोप लगाया और कहा कि ईरान अपने मौलिक सिद्धांतों और राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता और प्रतिबद्धताओं का पालन ही यकीन की बहाली की अहम वजहें हैं.

अली निकजाद ने चेतावनी दी है कि बातचीत की प्रक्रिया में किसी भी पक्ष द्वारा किया गया अचानक बदलाव या अस्थिर व्यवहार आपसी भरोसे को कमजोर कर सकता है और पूरी बातचीत को पटरी से उतार सकता है.

‘विश्वास की कमी…’

अली निकजाद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें एक ‘अविश्वसनीय शख्सियत’ करार दिया. उन्होंने ट्रंप के पिछले विश्वासघातों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी नीतियों में स्थिरता की कमी और अप्रत्याशित व्यवहार बातचीत की राह में सबसे बड़ी बाधा है. ईरान का मानना है कि जब तक वॉशिंगटन अपनी विश्वसनीयता साबित नहीं करता, तब तक ठोस नतीजे मुश्किल हैं.

इंटरव्यू के दौरान होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए इसे ईरान की ‘रणनीतिक ताकत’ बताया गया. निकजाद ने संकेत दिया कि ईरान इस जरूरी जलमार्ग पर अपनी स्थिति को लेकर किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा. उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ‘प्रेशर-बेस्ड’ बातचीत का मॉडल ईरान पर काम नहीं करेगा और इसके नतीजे केवल विफलता के रूप में सामने आएंगे.

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ईरान ने अपनी विदेश नीति को ‘डिप्लोमेसी विद डिग्निटी’ के रूप में परिभाषित किया है. निकजाद के मुताबिक, भविष्य में किसी भी बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिकी पक्ष ईरान की संप्रभुता और उसकी प्रतिबद्धताओं का कितना सम्मान करता है. उन्होंने कहा कि ईरान अपनी शर्तों पर अडिग है और राष्ट्रीय स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

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