महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. इस केस के मुख्य आरोपियों में शामिल दानिश शेख ने सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की है. उनकी याचिका पर 2 मई को सुनवाई होगी.
31 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल दानिश शेख फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. उन्होंने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में कहा कि शिकायतकर्ता ने उनके प्रति ‘एकतरफा भावनाओं’ या पारिवारिक दबाव के कारण यह मामला दर्ज कराया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने किसी भी धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की.
नौकरी दिलाने का झांसा देकर विश्वास जीता
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि दानिश शेख ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर विश्वास जीता, उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और शादी का वादा किया, जबकि वह पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है. वहीं आरोपी का कहना है कि दोनों कॉलेज के दोस्त थे और पीड़िता को उसकी शादीशुदा स्थिति की पूरी जानकारी थी.
आरोपी ने यह भी तर्क दिया कि कथित घटनाएं 2022 की हैं, लेकिन एफआईआर 2026 में दर्ज की गई, जिसके पीछे देरी का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है.
पुलिस ने दानिश शेख समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 (धोखे से शारीरिक संबंध), 75 (यौन उत्पीड़न) और 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करना) के तहत मामला दर्ज किया है. इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं.
इस पूरे मामले की जांच के लिए नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, जो जबरन धर्मांतरण, धार्मिक भावनाएं आहत करने, छेड़छाड़ और महिला कर्मचारियों के मानसिक व यौन उत्पीड़न से जुड़े कुल नौ मामलों की जांच कर रही है. अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने स्पष्ट किया है कि कंपनी में किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है और इस मामले में आरोपित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है.
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