केदारनाथ मंदिर के कपाट आज यानी कि बुधवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोष से गूंज उठा. इस पावन अवसर पर देश-विदेश से आए हजारों भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और मंदिर परिसर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला.

भक्तों में दिख रहा रहा है जबरदस्त उत्साह
दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े रहे. ठंडे मौसम और कठिन पहाड़ी रास्तों के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है. कई यात्री रात से ही लाइन में लगकर बाबा केदारनाथ के दर्शन का इंतजार कर रहे थे. कपाट खुलने के साथ ही मंदिर के गर्भगृह में बाबा केदार की पंचमुखी स्वयंभू शिवलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और आरती संपन्न हुई.

प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं. भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा सुविधा और रूट मैनेजमेंट के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. इस वर्ष मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.

केदारनाथ धाम दर्शन के लिए इस बार लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने किया है रजिस्ट्रेशन. (File Photo/ITG)

स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति लगातार यात्रियों की सुविधा पर ध्यान दे रहे हैं. हेलीकॉप्टर सेवा, पैदल मार्ग और घोड़ा-खच्चर सेवाओं को भी सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है. केदारनाथ न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारतीय आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र भी माना जाता है. मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं और उन्हें आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है.

कपाट खुलने के साथ ही पूरा केदारघाटी क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया है. चारों ओर बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच गूंजते मंत्र और श्रद्धालुओं की आस्था इस पवित्र धाम की महिमा को और भी दिव्य बना रही है.

रविवार को खोले गए थे यमुनोत्री के कपाट
छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद अक्षय तृतीया के अवसर पर यानी कि रविवार को उत्तराखंड में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खोले गए थे. उत्तरकाशी जिले में स्थित इन दोनों मंदिरों में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर की गई थी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री मंदिर में आयोजित उद्घाटन समारोह में भाग लिया और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की.

वहीं पहली बार, तीन मंदिरों—बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. गंगोत्री मंदिर समिति ने यह अनिवार्य कर दिया है कि परिसर में प्रवेश करने के लिए गैर-सनातनियों को ‘पंचगव्य’ (गाय का मूत्र, गोबर, दूध, दही और घी का मिश्रण) ग्रहण करना होगा. साथ ही श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने भी यह अनिवार्य कर दिया है कि गैर-हिंदुओं को प्रवेश के लिए सनातन धर्म में अपनी आस्था की पुष्टि करने वाला एक शपथ पत्र (एफिडेविट) जमा करना होगा.

आपको बता दें कि इस वर्ष अब तक लगभग 19 लाख श्रद्धालुओं ने इस तीर्थयात्रा के लिए पंजीकरण कराया है. पिछले वर्ष 51 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने चार धाम यात्रा की थी.

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