पश्चिम बंगाल में वोटिंग की तारीख नजदीक आ चुकी है, लेकिन इसके साथ ही ये सवाल भी बड़ा बन रहा है कि आखिर चुनावी राज्य में शराब बंदी कितने दिन है. गुरुवार को पहले चरण का मतदान है. ऐसे में चुनाव आयोग ने प्रोटोकॉल जारी कर दिया है. 23 अप्रैल, गुरुवार को जिन जिलों में वोटिंग होनी है, वहां मंगलवार शाम 6 बजे से सभी शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी.
पहले चरण में 23 अप्रैल को 17 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा. जिन क्षेत्रों में वोटिंग है, वहां लगातार 48 घंटे तक शराब की दुकानों के शटर बंद रहेंगे. यानी ये बंदी मंगलवार शाम 6 बजे से लागू हो चुकी है और गुरुवार शाम 6 बजे तक शराब की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. मतदान के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है.
लेकिन हुआ ये है कि राज्य में 20 अप्रैल से ही शराब की दुकानें बंद हैं. यानी ये ड्राइ डे वोटिंग से लेकर काउंटिंग तक मिलाकर काफी लंबा हो गया है. नियम के मुताबिक, हर मतदान केंद्र पर वोटिंग से 48 घंटे पहले शराब की दुकानें बंद करना अनिवार्य है.
मंगलवार को सीईओ मनोज ने कहा, “हम आम चुनाव नियमों के दिशानिर्देशों का पालन करेंगे और चुनाव से 48 घंटे पहले ही ड्राई डे मनाएंगे. हमने आबकारी विभाग से भी यही नियम अपनाने को कहा है. मैं आबकारी विभाग से पूछूंगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. यह सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ. शराब की बिक्री पर इतनी जल्दी प्रतिबंध क्यों लगाया गया, इसका जवाब सिर्फ वही दे सकते हैं.”
आम चुनाव नियमों के अनुसार, चुनाव से 48 घंटे पहले शराबबंदी का दिन होता है. इस नियम का उल्लंघन करते हुए, आबकारी आयुक्त ने चुनाव शुरू होने से 96 घंटे पहले अचानक राज्य भर में शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दे दिया, जिससे हंगामा मच गया. इस साल चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल. मतगणना 4 मई को होगी. हालांकि, शराब प्रेमी यह सवाल उठा रहे हैं कि राज्य भर में शराब की दुकानें 20 अप्रैल से क्यों बंद हैं.
दूसरे चरण के मतदान (29 अप्रैल) से 48 घंटे पहले भी शराब की दुकानें बंद रहेंगी. यानी 27 अप्रैल शाम 6 बजे के बाद शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा. दोनों चरणों के लिए इन डेढ़ दिन को ड्राई डे घोषित किया गया है.
इसके अलावा 4 मई को मतगणना के दिन भी पूरे दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी, यानी उस दिन भी ड्राई डे रहेगा. यह प्रतिबंध पूरे राज्य में लागू होगा. नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा है कि 1951 के जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) की धारा 135C के तहत मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय से 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार की शराब या नशीले पदार्थों की बिक्री, वितरण या आपूर्ति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. यह नियम होटल, रेस्टोरेंट, शराब की दुकानों, क्लब या किसी भी सरकारी या निजी स्थान पर लागू होगा. जरूरत पड़ने पर पुनर्मतदान की स्थिति में भी यही नियम प्रभावी रहेगा.
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नॉन-प्रोप्राइटरी क्लब, स्टार होटल, रेस्टोरेंट और लाइसेंस प्राप्त होटलों में भी इन दिनों शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
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