गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियां महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहतीं और उनका पूरा राजनीतिक इतिहास महिला विरोधी रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को उनका हक दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बने नए संसद भवन में सबसे पहले इसी अधिनियम को पारित किया गया था.
सीएम ने कहा कि ‘जो लोग गाय को खाते हैं, क्या वे सूअर का दूध पीते हैं?’ योगी आदित्यनाथ ने गाय के महत्व को रेखांकित करते हुए एक सख्त और स्पष्ट संदेश दिया. उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भले ही गाय को लेकर अलग दृष्टिकोण हो, लेकिन दूध के लिए सबसे अधिक भरोसा गाय पर ही किया जाता है.
मुख्यमंत्री ने गाय के दूध को प्रकृति और ईश्वर की अनमोल देन बताते हुए इसे अत्यंत पवित्र और उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि यह केवल पोषण का साधन नहीं, बल्कि मातृशक्ति से जुड़ने का माध्यम भी है.
उन्होंने आगे कहा कि संशोधन विधेयक के जरिए 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को कानून बनाने और उसके क्रियान्वयन में भागीदारी देने की तैयारी है. लेकिन विपक्ष इस विधेयक के गिरने पर जश्न मना रहा है, जो उनकी महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. सीएम योगी ने आरोप लगाया कि सरकार जहां महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं विपक्ष इस दिशा में रुकावट पैदा करने का काम कर रहा है.
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