भारत में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसके लिए 1 मई से नए नियम लागू होंगे. इलेक्ट्रोनिक्स और आईटी मंत्रालय ने नए नियमों को लेकर अधिसूचना जारी की है. अब ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी को लेकर रास्ता साफ हो गया और प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को लागू करने में मदद मिलेगी. ये जानकारी पीटीआई से मिली है.
आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि अधिकतर ऑनलाइन गेम को रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी. रियल मनी गेम पहले से ही और प्रतिबंधित किए जा चुके हैं. ऑनलाइन गेम को पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी.
कृष्णन ने बताया है कि निगरानी को स्पेशल कंडिशन में ही लागू करना पड़ेगा. हालांकि ईस्पोर्ट्स गेम्स के लिए मूल कानून के मुताबिक ही पंजीकरण करना जरूरी होगा. नए नियम के तहत ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाता है, जबकि भारत में ईस्पोर्ट्स और ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देना है.
पूरे सिस्टम को हल्का-फुल्का रखने की कोशिश
आईटी सचिव ने आगे बताया है कि वे चाहते थे कि जहां तक संभव हो पूरे सिस्टम को हल्का-फुल्का रखा जाए. अधिकतर गेम, जिनका संबंध मनी से नहीं है, उनको बिना रजिस्ट्रेशन के काम करने की आजादी दी जाए. हालांकि वे खुद चाहे तो रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, जो प्रोसेस पूरी तरह ऑप्शनल होगा.
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गेम को क्लासीफाई तीन कंडिशन में किया जाएगा
- पहली स्थिति में अथॉरिटी स्वयं (सुओ मोटू) इस पर निर्णय लेगी.
- दूसरी स्थिति ईस्पोर्ट्स गेम्स से जुड़ी है.
- तीसरी स्थिति में, केंद्र सरकार किसी स्पेशल कैटेगरी के सोशल गेम्स को अधिसूचित कर सकता है.
किन पर होगी सख्ती?
- रियल मनी गेम्स पहले से बैन हैं, इन पर और सख्ती होगी.
- ईस्पोर्ट्स को रजिस्ट्रेशन कराना होगा जरूरी होगा.
यूजर्स को क्या होगा फायदा?
1 मई से नए नियम प्रभावी होने से यूजर्स को भी कई फायदे होंगे. यूजर्स को बेहतर सुरक्षा मिलेगी. यूजर्स की सेफ्टी और डेटा प्रोटेक्शन को लेकर काम किया है.
मंत्रालय ने बीते साल अक्तूबर में 2025 में इन नियमों पर फीडबैक और राय मांगी थी, जिसके बाद करीब 2500 रिस्पोंस हासिल हुए थे.
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