‘देखते ही गोली मार दो’… होर्मुज में बारूदी सुरंग बिछाने वालों पर डोनाल्ड ट्रंप का ‘डेथ वारंट’, नेवी को खुली छूट! – donald trump us navy order strait of hormuz mines military escalation with iran oil route tension ntc agkp


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद सख्त आदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि होर्मुज में अगर कोई भी नाव समुद्र में माइन यानी पानी के नीचे विस्फोटक बिछाती दिखे, तो अमेरिकी नौसेना उसे तुरंत डुबो दे. कोई सोच-विचार नहीं, कोई देरी नहीं.

साथ ही माइन हटाने का ऑपरेशन तीन गुना बढ़ाने का भी आदेश दिया गया है. ये बयान ऐसे वक्त आया है जब होर्मुज पहले से ही दुनिया के सबसे तनावपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक बना हुआ है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने बिल्कुल साफ और कड़े शब्दों में कहा कि अगर होर्मुज में कोई भी नाव या जहाज माइन बिछाता नजर आए तो अमेरिकी नौसेना उसे तुरंत मार गिराए. उन्होंने कहा कि इसमें कोई हिचक नहीं होनी चाहिए. कोई चेतावनी नहीं, कोई इंतजार नहीं. सीधी कार्रवाई.

इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि अमेरिकी नौसेना पहले से इस इलाके में माइन हटाने का काम कर रही है और अब इस काम को तीन गुना तेज करने का आदेश दिया गया है.

ये बयान किस बारे में इशारा करता है?

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने किसी एक देश का नाम नहीं लिया, लेकिन जानकार मानते हैं कि ये बयान मुख्य रूप से ईरान को ध्यान में रखकर दिया गया है. ईरान पहले भी होर्मुज को बंद करने की धमकी दे चुका है. इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत भी चल रही है. ऐसे में ट्रंप का ये आदेश एक तरफ से ईरान को कड़ा संदेश भी माना जा रहा है.

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इससे क्या खतरा बढ़ सकता है?

जानकारों का कहना है कि इस तरह के ‘बिना सोचे गोली मारो’ वाले आदेश से टकराव का खतरा बढ़ जाता है. अगर किसी भी देश की नाव गलती से भी संदिग्ध लगी और अमेरिकी नौसेना ने कार्रवाई कर दी, तो ये एक बड़े युद्ध की शुरुआत बन सकता है. होर्मुज में कोई भी बड़ी घटना सिर्फ उस इलाके तक नहीं रहेगी, इसका असर पूरी दुनिया की तेल सप्लाई, बिजनेस और इकोनॉमी पर पड़ेगा.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज – क्या है और ये इतना जरूरी क्यों है?

होर्मुज एक बेहद संकरा समुद्री रास्ता है जो ईरान और ओमान के बीच में है. इसकी चौड़ाई सबसे कम जगह पर सिर्फ करीब 33 किलोमीटर है. लेकिन इस छोटे से रास्ते से दुनिया का करीब 20 से 25 फीसदी तेल गुजरता है. सऊदी अरब, इराक, UAE, कुवैत और ईरान का तेल इसी रास्ते से दुनिया भर में जाता है. अगर ये रास्ता किसी भी वजह से बंद हो जाए या खतरे में पड़ जाए, तो दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और इससे हर देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा.

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