नासिक के TCS कांड की सातवीं पीड़िता ने आरोपियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले ने कॉर्पोरेट वर्कप्लेस की सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़ित महिला कर्मचारी ने अपने ही सहकर्मियों पर अश्लील टिप्पणियां करने, निजी जिंदगी में दखल देने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है. इस मामले में कुल 9 महिला कर्मचारियों ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

सभी पीड़िताओं ने अपने बयान में बताया कि ऑफिस के भीतर ही उनके साथ लगातार गलत व्यवहार किया गया. आरोप है कि कुछ कर्मचारी एक गैंग की तरह काम कर रहे थे और महिलाओं को टारगेट कर रहे थे. शिकायत में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी प्रमुख हैं. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने ऑफिस के माहौल को खराब किया और महिला कर्मचारियों के साथ बार-बार आपत्तिजनक बातें कीं. उनके साथ एक अन्य व्यक्ति शफी का नाम भी सामने आया है.

एक पीड़िता ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि वह 24 जून 2025 से TCS नासिक शाखा में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है. उसका काम बैंक के क्रेडिट कार्ड लोन होल्डर्स को कॉल के जरिए जानकारी देना है. वह ODC-02 डिपार्टमेंट में काम करती है और उसकी शिफ्ट सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक होती है.

पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2026 में पहली बार शाहरुख कुरैशी ने उसे अपने डेस्क पर बुलाया और उसके परिवार और निजी जिंदगी के बारे में सवाल पूछने शुरू कर दिए. उसने पूछा कि क्या उसका कोई बॉयफ्रेंड है या कोई एक्स रिलेशनशिप रहा है. इस तरह के सवालों से पीड़िता को काफी शर्मिंदगी महसूस हुई. करीब 6-7 दिन बाद फिर से रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने उसे बुलाया. इस बार भी उन्होंने काम के बजाय उसके निजी जीवन पर सवाल किए. उससे पूछा गया कि क्या उसका कोई बॉयफ्रेंड है, क्या वह किसी को पसंद करती है या ऑफिस में किसी के साथ रिलेशन में है.

पीड़िता ने बताया कि रज़ा मेमन ने उसके शरीर पर भी टिप्पणी की. उसने कहा कि वह बहुत पतली है और उसे जिम जॉइन करना चाहिए ताकि उसकी बॉडी और बेहतर दिखे. यह टिप्पणी भी उसे बेहद अपमानजनक लगी और उसने इसे मानसिक उत्पीड़न माना. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रज़ा मेमन ने शाहरुख कुरैशी की तरफ देखकर कहा, ‘क्या मैं इसे तुम्हारे लिए सेट कर दूं?’ इस तरह की टिप्पणी ने पीड़िता को पूरी तरह से असहज कर दिया और यह दर्शाता है कि ऑफिस में माहौल कितना खराब हो चुका था.

19 मार्च 2026 को गुढ़ी पड़वा के मौके पर पीड़िता पारंपरिक कपड़ों में ऑफिस आई थी. उस दिन भी रज़ा मेमन ने उसे बार-बार अपने डेस्क पर बुलाया. जब उसने नजरअंदाज किया तो वह खुद खड़ा होकर उसे सबके सामने बुलाने लगा. जब पीड़िता उसके पास गई, तो उसने पूछा कि क्या वह पूजा नहीं करती और सिर्फ तैयार होकर ऑफिस आ जाती है. इसके साथ ही वह उसे ऊपर से नीचे तक घूरता रहा, जिससे पीड़िता को बेहद शर्मिंदगी महसूस हुई और वह वहां से चली गई.

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शाहरुख कुरैशी अक्सर उसका पीछा करता था और उसकी गतिविधियों पर नजर रखता था. वह बिना जरूरत के उससे निजी बातें करने की कोशिश करता और बार-बार उसे बाहर चलने के लिए कहता था. चूंकि पीड़िता के माता-पिता नासिक में नहीं रहते थे, इसलिए आरोपी इस बात का फायदा उठाने की कोशिश करते थे. वे उसे अकेले देखकर बार-बार बाहर जाने के लिए कहते थे, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गई थी.

पीड़िता ने बताया कि वह कंपनी में इसकी शिकायत करना चाहती थी, लेकिन आरोपी कर्मचारियों का ऑफिस में दबदबा था. इसी कारण वह लंबे समय तक चुप रही और किसी से कुछ नहीं कह सकी. जनवरी 2026 से लेकर 1 अप्रैल 2026 तक यह सिलसिला लगातार चलता रहा. पीड़िता के मुताबिक, इस दौरान आरोपियों ने उसे बार-बार अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हुए परेशान किया और उसकी निजी जिंदगी में दखल दिया.

आखिरकार परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उसने रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. अब इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है.

(नासिक से प्रवीण ठाकरे का इनपुट)

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