मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर को तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है. इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने व्हाइट हाउस में मुलाकात की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ये जानकारी दी है. इस पहल का उद्देश्य मिडिल ईस्ट को स्थिर करना और लेबनान को हिज्बुल्लाह से बचाने में मदद करना है. हालांकि, सीजफायर की अवधि के दौरान हिज्बुल्लाह और इजरायल एक-दूसरे के इलाके में लगातार बमबारी कर रहे हैं.
दरअसल, इजरायल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत और सीजफायर विस्तार के लिए व्हाइट हाउस में गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली राजदूत येचियेल लेइटर और लेबनानी राजदूत नादा मोआवाद को ओवल ऑफिस में दूसरी बार अमेरिका-मध्यस्थता वाली बातचीत के लिए आमंत्रित किया था. ये वार्ता 16 अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम के बाद के सबसे घातक दिन के ठीक बाद हुई, जिसमें इजरायली हवाई हमलों में पत्रकार अमल खलील समेत पांच लोग मारे गए थे.
इस बैठक के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर सीजफायर के विस्तार की घोषणा करते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक बैठक में उनके (राष्ट्रपति ट्रंप) साथ पूरी कोर टीम मौजूद रही. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकबी और लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल ईसा ने इजरायल और लेबनान के उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की. ट्रंप ने इस मुलाकात को ‘बेहद सफल’ बताया और कहा कि अमेरिका लेबनान की रक्षा के लिए उसके साथ मिलकर काम करेगा.
नेतन्याहू और जोसेफ आउन की होगी मुलाकात
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि वो जल्द ही इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की व्हाइट हाउस में मेजबानी करेंगे. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक बैठक का हिस्सा बनना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है.
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को क्षेत्र में शांति के लिए हिज्बुल्लाह की फंडिंग बंद करनी होगी. अब सबकी नजरें इन दोनों बड़े नेताओं की आगामी मुलाकात पर टिकी हैं.
ये समझौता उस समय आया है, जब एक दिन पहले ही हवाई हमलों ने युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए थे. अल-अखबार की पत्रकार अमल खलील की मौत ने माहौल को गमगीन कर दिया था. इसके बावजूद अमेरिका की मध्यस्थता में हुई इस बातचीत ने संघर्ष को टालने की नई उम्मीद जगाई है. ट्रंप ने इसे ‘ग्रेट ऑनर’ बताते हुए राजनयिक जीत करार दिया है.
हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर दागे रॉकेट
ट्रंप के सीजफायर के विस्तार के ऐलान के बाद दूसरी ओर हिज्बुल्लाह इजरायल के श्टुआ को निशाना बनाते हुए कई रॉकेट दागे, जिससे पूरे इलाके में सायरन बजने लगे. इजरायली सेना ने भी इस हमले की पुष्टि की है. आईडीएफ ने बताया कि हिज्बुल्लाह की ओर से दागे गए सभी रॉकेटों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया.
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