AAP यानी आम आदमी पार्टी में गुरुवार को एक बड़ा भूचाल आया. पार्टी के तीन बड़े राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने AAP छोड़कर BJP जॉइन कर ली. AAP के राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं, इनमें से दो तिहाई यानी 7 ने पार्टी से नाता तोड़ने का फैसला किया बताया जा रहा है.

AAP ने इसे BJP का ‘ऑपरेशन लोटस’ बताया और इन नेताओं को ‘गद्दार’ कहा. अब AAP इन तीनों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग करने जा रही है.

AAP के राज्यसभा में 10 सांसद हैं. राज्यसभा में हर पार्टी एक ‘डिप्टी लीडर’ और ‘व्हिप’ रखती है जो पार्टी की तरफ से काम करते हैं. राघव चड्ढा AAP के राज्यसभा में डिप्टी लीडर थे यानी पार्टी के बड़े नुमाइंदे.

AAP में बड़ी टूट

2 अप्रैल को AAP ने राज्यसभा सचिवालय को चिट्ठी लिखकर राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाने की मांग की और अशोक मित्तल का नाम आगे किया। यानी पार्टी के अंदर खींचतान पहले से शुरू हो चुकी थी.

15 अप्रैल को ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब यूनिवर्सिटी में छापे मारे. ये उस AAP सांसद से जुड़ी थी जिन्हें राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में लीडरशिप रोल दिया गया था.

17 अप्रैल को केंद्र सरकार ने राघव चड्ढा को दिल्ली और पंजाब में Z कैटेगरी की सुरक्षा दे दी. इससे एक दिन पहले AAP ने कथित तौर पर उनकी Z+ सुरक्षा वापस ले ली थी. यानी एक तरफ AAP उनकी सुरक्षा हटा रही थी और दूसरी तरफ केंद्र सरकार उन्हें सुरक्षा दे रही थी, जो BJP की ओर संकेत था.

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आज क्या-क्या हुआ?

दोपहर 12 बजे AAP को खबर लगी कि कुछ बड़ा होने वाला है. चंडीगढ़ में AAP के जनरल सेक्रेटरी बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बड़े आरोप लगाए कि BJP राघव चड्ढा के जरिए AAP के सांसदों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि अमित शाह ने चड्ढा को एक खास काम सौंपा है, उन्हें एक बड़ा पद ऑफर किया है और एक अलग पार्टी बनाने को कहा है.

दोपहर करीब 1 बजे अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि वो 5 फिरोज शाह रोड वाला घर छोड़ रहे हैं. ये घर कथित तौर पर अशोक मित्तल का है यानी जिस नेता के घर में केजरीवाल रह रहे थे वही अब BJP जॉइन करने वाले थे.

उसी दौरान पंजाब के CM भगवंत मान ने क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह को कई बार फोन किया. हरभजन को भगवंत मान की पसंद माना जाता था और शायद उन्हें रोकने की कोशिश हो रही थी. लेकिन हरभजन ने फोन नहीं उठाया. वो उस वक्त मुंबई में थे.

दोपहर 3:30 बजे राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके BJP में जाने का ऐलान कर दिया.

शाम 4 बजे AAP के संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने इन तीनों को ‘गद्दार’ कहा और BJP के ‘ऑपरेशन लोटस’ पर निशाना साधा. ऑपरेशन लोटस वो प्रक्रिया है जिसमें BJP पर आरोप लगाया जाता है कि वो दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपनी तरफ खींचती है.

शाम 4:30 बजे भगवंत मान ने भी इस मामले पर बयान दिया और बीजेपी पर जमकर हमला बोला.

शाम 5 बजे राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने औपचारिक तौर पर BJP जॉइन कर ली. BJP प्रदेश अध्यक्ष नितिन नविन की मौजूदगी में ये हुआ.

दल-बदल कानून क्या है और AAP क्या करने जा रही है?

दल-बदल कानून के तहत अगर कोई सांसद या विधायक अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाता है तो उसकी सदस्यता जा सकती है. लेकिन इसमें एक पेच है. अगर पार्टी के दो तिहाई यानी 67 फीसदी सांसद एक साथ जाएं तो उसे ‘विलय’ माना जाता है और दल-बदल कानून लागू नहीं होता.
AAP के 10 राज्यसभा सांसद हैं. दो तिहाई का मतलब है कम से कम 7 सांसद. अगर 7 या उससे ज्यादा साथ जाएं तो कानूनी बचाव हो सकता है.

लेकिन दिक्कत ये है कि सिर्फ 3 सांसद यानी राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल सार्वजनिक रूप से BJP दफ्तर में नजर आए. बाकी चार जिनके भी नाम जोड़े जा रहे हैं वो कहीं नजर नहीं आए.

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AAP के मुख्य व्हिप एनडी गुप्ता इन तीनों के खिलाफ राज्यसभा चेयरमैन को चिट्ठी देंगे और दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई माँगेंगे.

सूत्रों के अनुसार, AAP का कहना है कि जो लोग सार्वजनिक रूप से BJP में नहीं दिखे उनके हस्ताक्षर वाली चिट्ठी की सच्चाई पर भी सवाल उठाए जाएंगे.

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