कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिम इलाके में शनिवार को एक बस में हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 38 अन्य घायल हो गए. काउका प्रांत के गवर्नर ऑक्टेवियो गुजमैन के अनुसार, ये धमाका तब हुआ, जब बस काहिबियो नगरपालिका के पास पैनअमेरिकन हाईवे से गुजर रही थी. कोलंबियाई सशस्त्र बलों के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने इसे एक ‘आतंकवादी हमला’ बताते हुए पूर्व फार्क (FARC) विद्रोहियों के विद्रोही गुट ‘हाइमे मार्टिनेज’ (Jaime Martinez) को जिम्मेदार ठहराया है. ये हमला पिछले दो दिनों में क्षेत्र में हुई 26 आपराधिक घटनाओं की कड़ी का हिस्सा है. राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया पर इस हमले की निंदा करते हुए दोषियों को फासिस्ट और ड्रग तस्कर कहा है.
अधिकारियों ने इस हमले के पीछे ‘इवान मोर्डिस्को’ (Ivan Mordisco) के नेटवर्क और हाइमे मार्टिनेज गुट का हाथ बताया है. ये वो विद्रोही ग्रुप हैं, जिन्होंने 2016 में सरकार के साथ हुए शांति समझौते को स्वीकार नहीं किया था. वो अब इस क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए हिंसा का सहारा ले रहे हैं. रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज़ ने स्पष्ट किया है कि ये अपराधी डर पैदा करना चाहते हैं, लेकिन सरकार दृढ़ता से जवाब देगी.
दक्षिण-पश्चिम कोलंबिया पिछले दो दिनों से बम धमाकों और गोलीबारी से दहल रहा है. शनिवार को धमाके से पहले अल टैम्बो में विस्फोटक लदे तीन ड्रोनों को मार गिराया गया था. शुक्रवार को भी काली (Cali) और पल्मिरा (Palmira) में सैन्य यूनिटों के पास दो कार बम धमाके किए गए थे.
जनरल लोपेज के अनुसार, इन हमलों का सीधा असर केवल आम नागरिकों पर पड़ रहा है. घाटी डेल कौका की गवर्नर फ्रांसिस्का टोरो ने केंद्र सरकार से तत्काल खुफिया सहायता और अतिरिक्त सैन्य बल की मांग की है.
अधिकारियों के मुताबिक, काउका और वैले डेल काउका नशीली दवाओं की तस्करी का मुख्य केंद्र बन गए हैं. अवैध सशस्त्र समूह मध्य अमेरिका और यूरोप तक ड्रग्स पहुंचाने के लिए बुएनावेंचुरा बंदरगाह की ओर जाने वाले समुद्री और नदी मार्गों पर नियंत्रण पाना चाहते हैं. इसी वर्चस्व की लड़ाई के कारण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. सरकार ने क्षेत्र में विद्रोही समूह के नेता ‘मार्लन’ (Marlon) की गिरफ्तारी के लिए दस लाख डॉलर से अधिक के इनाम की घोषणा की है.
2016 के शांति समझौते का पालन न करने वाले इन विद्रोही समूहों ने क्षेत्र की सुरक्षा को गंभीर संकट में डाल दिया है. शनिवार को जब रक्षा मंत्री और क्षेत्रीय गवर्नरों की बैठक पल्मिरा में चल रही थी, ठीक उसी वक्त बस में ये जानलेवा धमाका हुआ.
स्थानीय अधिकारियों ने हमलावरों की पहचान और सूचना देने वालों के लिए 14,000 डॉलर से अधिक के अलग इनाम की भी घोषणा की है. सरकार अब इन अपराधियों के खिलाफ एक बड़े खुफिया और सैन्य अभियान की योजना बना रही है.
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