इस हफ्ते की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों को एक मैसेज भेजा, यह वहीं समय था जब मेटा ने अपने कर्मचारियों को जानकारी दी कि वह लगभग 8 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहा है. लेकिन माइक्रोसॉफ्ट का मैसेज छंटनी को लेकर नहीं था. यह कुछ अलग था. वो सीधे लोगों को नहीं निकाल रही, बल्कि खासकर पुराने कर्मचारियों को खुद से कंपनी छोड़ने का ऑप्शन दे रही है. अब सवाल खड़ा होता है कि ये स्वैच्छिक निकास क्या होता है? बता दें कि स्वैच्छिक निकास का मतलब होता है कि कंपनी कर्मचारी को कुछ पैसे (पैकेज) देकर कहती है कि अगर आप चाहें तो आराम से नौकरी छोड़ सकते हैं. जबकि दूसरी कंपनियां जैसे अमेजन और ओरेकल सीधे लोगों को निकाल रही है, माइक्रोसॉफ्ट थोड़ा नरम तरीका अपना रही है.

माइक्रोसॉफ्ट की HR हेड एमी कोलमैन ने मैसेज में कहा कि कंपनी चाहती है कि जिन कर्मचारियों को ये ऑफर मिलेगा, वो अपनी मर्जी से और कंपनी के सपोर्ट के साथ आगे का फैसला ले सकें. कंपनी की ओर से ये ऑफर 7 मई तक कर्मचारियों को भेजा जा सकता है. लेकिन इससे पहले कि हम इस बात को समझें कि आखिर कंपनी ऐसा क्यों कर रही है? तो बता दें कि कंपनी ने पिछले साल 15 हजार कर्मचारी को नौकरी से निकाला था.

सबसे पुराने कर्मचारी अपने मन से छोड़ सकते हैं कंपनी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट ये ऑफर केवल अपने सबसे सीनियर या पुराने कर्मचारियों को दे रही है. ऑफर उन लोगों के लिए है जिनकी उम्र और काम का अनुभव मिलाकर 70 साल या उससे ज्यादा हो गया है. इसका मतलब है कि जिन कर्मचारी की उम्र 50 साल है और उसने 20 साल काम किया है तो वह इस ऑफर के पात्र हैं या 55 उम्र के कर्मचारी ने 15 साल काम किया है तो वह भी इसके पात्र हैं. माना जा रहा है कि अमेरिका में कंपनी के 1.25 लाख कर्मचारी हैं, जिनमें से लगभग 7% यानी करीब 8,750 लोग इस ऑफर के लिए योग्य हैं.

बता दें कि पहले गूगल की ओर से अपने कर्मचारियों को ये ऑप्शन दिया गया थे लेकिन ये छोटे लेवल पर था. लेकिन बता दें कि ये छंटनी नहीं है. कर्मचारी के पास ऑप्शन है कि वह इस ऑफर को स्वीकार करते हैं या नहीं. कंपनी को ऐसा लगता है कि सभी लोग नहीं लेकिन कुछ लोग तो ये ऑप्शन मान ही जाएंगे. पहली बार माइक्रोसॉफ्ट इतने बड़े लेवल पर ऐसा ऑफर दे रही है, जिससे लगता है कि कंपनी चाहती है कि धीरे-धीरे काफी लोग खुद ही बाहर निकलें.

आखिर कंपनी ऐसा कर क्यों रही है?

सबसे बड़ा सवाल यहीं खड़ा हो रहा है कि आखिर कंपनी ऐसा कर क्यों रही है? तो बता दें कि ये कदम उठाने के पीछे 2 मुख्य कारण हैं. पहला ज्यादा उम्र वाले कर्मचारी की सैलरी भी ज्यादा होती है और दूसरा ये कि वरिष्ठ कर्मचारी एआई का यूज सबसे कम करेंगे.

पहला

यह बात बिल्कुल साफ है कि सीनियर कर्मचारियों की सैलरी भी अधिक होती है. 20 साल से काम कर रहे व्यक्ति को 2 साल पहले काम शुरू किए व्यक्ति से ज्यादा सैलरी मिलेगी. ऐसे में कंपनी एक सीनियर को हटाकर कई जुनियर हायर कर सकती है जिससे सैलरी में बचत होगी. माइक्रोसॉफ्ट उस पैसों को एआई में लगा सकता है. गूगल और अमेजन जैसी कंपनियां अरबों खर्च कर रही हैं और माइक्रोसॉफ्ट पीछे नहीं रह सकता. कंपनी भी एआई को अपना रही है. माइक्रोसॉफ्ट, जो पहले ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी बाहरी कंपनियों पर निर्भर थी, अब मुस्तफा सुलेमान के नेतृत्व में अपने खुद के एआई मॉडल बना रही है. कंपनी के पास पहले से ही कोपायलट ब्रांड के 70 से अधिक एआई टूल हैं और विकास की रफ्तार धीमी होने के कोई संकेत नहीं हैं.

दूसरा

हर पीढ़ी के साथ टेक्नोलॉजी का विकास होता है और नई पीढ़ी हमेशा ही नई टेक्नोलॉजी के प्रति खुली सोच रखते हैं और सीखने के लिए उत्सुक रहती है. लेकिन वरिष्ठ कर्मचारी काम के पुराने तरीकों को ही सही मानते हैं और उस तरह की काम करना चाहते हैं. उदाहरण के लिए अपने माता-पिता को ही देख लें, उन्हें भी शायद आपकी तरह नई टेक्नोलॉजी के जानकार नहीं हों और आपके छोटे आपसे रील देखने के मामले में आपसे भी आगे हों.

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रिपोर्टर- अरमान अग्रवाल



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