कई लोगों का मानना है कि अच्छी डिग्री या किसी टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई न करने से कॉर्पोरेट वर्ल्ड में सैलरी रुक जाती है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट ने युवाओं की पढ़ाई के साथ डिग्री और स्किल को लेकर एक बार फिर से बहस छेड़ दी है. एक युवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसने युवाओं को नई तरह से सोचने पर मजबूर कर दिया है. दरअसर, शख्स ने बताया कि उसने न तो बीटेक की डिग्री ली है न ही किसी टॉप से पढ़ाई की है लेकिन फिर भी 9 साल के अपने करियर में उसने अपनी सैलरी को 1.84 लाख से 75 लाख रुपये तक पहुंचा दी है. उसके इस पोस्ट को देखकर लोग हैरान रह गए.
इस पोस्ट में शख्स ने केवल अपनी सैलरी से जुड़ी डिटेल ही शेयर नहीं की है बल्कि उसने एक सिंपल से सर्विस डेस्क एजेंड से सॉल्यूशन आर्किटेक्ट बनने तक के अपनी जर्नी शेयर की है. उनकी इस पोस्ट को देखकर लोग इंस्पायर हो रहे हैं.
1.84 से हुई थी शुरुआत
बता दें कि शख्स ने साल 2017 में अपनी करियर की शुरुआत WITCH कंपनी (Wipro, Infosys, TCS, Cognizant, HCL) से की थी. टियर-3 कॉलेज में बीएससी (मैथ्स) करने के बाद कैंपल प्लेसमेंट के जरिए ही उनका 1.84 लाख रुपये के पैकेज की नौकरी लगी थी. उन्होंने पोस्ट में बताया कि शुरुआती 4 साल उनके लिए काफी चैलेंजिंग थे. इस दौरान उन्होंने बेसिक कम्युनिकेशन और कस्टमर हैंडलिंग सीखी. साल 2021 तक उनकी सैलरी केवल 4.5 लाख रुपये तक पहुंच पाई थी.
स्विच ने की बड़ी मदद
लेकिन उनकी जर्नी का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट कोविड का टाइम आया. जब मार्केट बदला तो उन्होंने बड़ा स्विच मारा जिसके बाद उनकी सैलरी 8 लाख रुपये हो गई. इस घटना के बाद उन्हें समझ आ गया कि केवल मेहनत नहीं बल्कि स्ट्रेटेजिक स्विचिंग करियर के लिए बहुत जरूरी होता है. इसके बाद उन्होंने इंटरव्यू के लिए कड़ी मेहनत की और एक साल के अंदर अपनी सैलरी को 17.4 लाख रुपये तक पहुंचा दिया.

स्टार्टअप में भी जमाया कदम
कहते हैं न अच्छी चीजों के साथ कभी-कभी कुछ रुकावटें भी आती हैं. अपने करियर के 6 से 8 साल के बीच उन्हें खराब मैनेजर और टॉक्सिक वर्क कल्चर का सामना करना पड़ा. यहां पर उनकी सैलरी करीब 30 लाख रुपये थी लेकिन मेंटल पीस न होने के कारण उन्होंने वह नौकरी छोड़ स्टार्टअप जॉइन कर लिया, जहां उन्हें 42.2 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला. यहां पर उन्होंने क्लाउड सिस्टम, ऑटोमेशन और आर्किटेक्चर जैसे स्किल सीखें.
छंटनी से छूटी नौकरी
उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें स्टार्टअप से निकाल दिया गया. लेकिन इस दौरान उन्होंने हार नहीं मानी और नई स्किल सीखने पर ध्यान दिया. करीब 3 महीने तैयारी करने के बाद उन्होंने एक स्टार्टअप में इंटरव्यू दिया और उनको 75 लाख रुपये का जॉब ऑफर मिला. इस पोस्ट में शख्स ने बताया कि डिग्री केवल पहली नौकरी दिलाने में मदद करती है. इसके बाद आपकी ‘प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी’ और सीखने की भूख ही आपको आगे ले जाती है
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