शेयर बाजार में इन दिनों एक शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. खासकर जबसे इसके प्रमोटर्स ने इसकी हिस्सेदारी बेची है, तबसे इस शेयर में भारी गिरावट आई है. जिस कारण निवेशकों गाढ़ी कमाई डूबी है और अब एक्सपर्ट्स इसमें और गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं.
उनका कहना है कि यह शेयर अब 20 रुपये तक आ सकता है, क्योंकि कंपनी से निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है और कंपनी के तिमाही नतीजे भी कमजोर दिखाई दे रहे हैं. हम बात कर रहे हैं ओला इलेक्ट्रिक शेयरों की, जो एक बार 22 रुपये तक चुका है, लेकिन उसके बाद से इसमें 70 फीसदी की तेजी आई है. इस कारण ज्यादातर रिटेल निवेशकों की दोबारा से एंट्री हुई है, लेकिन अब ब्रोकरेज फर्म सतर्क हैं.
औसत टारगेट प्राइस मौजूदा भाव से नीचे है, जिससे संकेत मिलता है कि तेजी के बाद शेयर महंगा माना जा रहा है. ओला इलेक्ट्रिक के शेयर ने अप्रैल 2026 के महीने की शुरुआत में दबाव में दिख रहा यह स्टॉक अचानक तेज रफ्तार पकड़ा और कुछ ही दिनों में करीब 70 फीसदी उछल गया. शेयर 22.8 रुपये के स्तर से बढ़कर 40.88 रुपये तक पहुंच गया. सोमवार को यह शेयर 4% चढ़कर ₹37.22 पर कारोबार कर रहा था.
कभी 150 रुपये पर था भाव
ओला इलेक्ट्रिक का शेयर अगस्त 2024 में शेयर बाजार में एंटर हुआ था, जिसके कुछ दिन बाद ही यह शेयर इतनी तेजी से चला कि रिकॉर्ड हाई बनाते हुए 157 रुपये के भी पार पहुंच गया. हालांकि, जब इसके नतीजे खराब आए और मार्केट शेयर गिरा, तो स्टॉक में भारी गिरावट देखने को मिली. भारी मुनाफावसूली के चलते यह शेयर 70 फीसदी तक गिर गया.
एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी
इस शेयर को लेकर एस्पर्ट्स की बड़ी चेतावनी आई है. एक्सपर्ट्स को यह शेयर अभी काफी महंगा लग रहा है, जिस कारण इसके शेयरों का टारगेट घटा दिया है. कोटक सिक्योरिटीज ने इस शेयर पर 20 रुपये का टारगेट दिया है और बेचने की सलाह दी है, क्योंकि इसका वॉल्युम कमजोर है और कम्पटीशन तेजी से बढ़ता ही जा रहा है. एमके ग्लोबल ने भी इस शेयर को अंडरपरफॉर्म कैटेगरी में डाला है, क्योंकि अब इसका मार्केट शेयर 6 फीसदी पर आ गया है. जिस कारण इसके वॉल्यूम में दबाव बना हुआ है.
कंपनी के सामने क्या है चुनौती?
दरअसल, अब इस सेक्टर में बड़ी-बड़ी टू-व्हीलर कंपनियों की एंट्री हो चुकी है, जिसपर कस्टमर्स का ज्यादा भरोसा बना हुआ है. वहीं ओला इलेक्ट्रिक ने पिछले कुछ सालों में अपने प्रोडक्ट्स से कस्टमर्स का भरोसा गंवाया है, जिस कारण इसका मार्केट 70 फीसदी से कम होकर 6 फीसदी पर आ चुका है. ऐसे में दोबारा भरोसा बना पाना आसान नहीं लग रहा है.
(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज के अपने विचार है. Aajtak.in इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
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