नोएडा में हुई हिंसा के मामले में अब नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस जांच में एक वायरल व्हाट्सएप ऑडियो क्लिप और इंस्टाग्राम चैट सामने आई है, जिसने पूरे घटनाक्रम को और संदिग्ध बना दिया है. इन डिजिटल सबूतों से संकेत मिल रहा है कि हिंसा अचानक नहीं, बल्कि पहले से सोची-समझी साजिश के तहत हुई थी. पुलिस अब इन सभी क्लिप्स और चैट्स की गहराई से जांच कर रही है.
नोएडा हिंसा मामले में नए डिजिटल सबूत सामने आ रहे हैं. पुलिस को एक व्हाट्सएप ऑडियो क्लिप मिला है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस ऑडियो में एक शख्स लोगों को इकट्ठा होने के लिए उकसाता हुआ सुनाई दे रहा है. खास बात यह है कि यह अपील कथित तौर पर लाठीचार्ज के बाद की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि भीड़ को दोबारा संगठित करने की कोशिश की गई थी. पुलिस इस ऑडियो की सत्यता और उसमें शामिल व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है.
जांच के दौरान एक इंस्टाग्राम चैट भी सामने आई है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है. इस चैट में लोगों से मिर्ची पाउडर लेकर आने की बात कही गई है. यह दावा किया जा रहा है कि मिर्ची पाउडर का इस्तेमाल पुलिस से बचने या भीड़ को आक्रामक बनाने के लिए किया जा सकता था. इस तरह की बातचीत से यह साफ संकेत मिलता है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने की तैयारी पहले से की जा रही थी. पुलिस इन चैट्स के सोर्स और शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.
पुलिस को कई ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप्स का भी पता चला है, जो हिंसा से करीब तीन दिन पहले ही एक्टिव हो गए थे. इन ग्रुप्स में लगातार मैसेजिंग और प्लानिंग की जा रही थी. जांच एजेंसियों को शक है कि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को एकजुट कर हिंसा के लिए उकसाया गया. इन ग्रुप्स में कौन-कौन लोग शामिल थे और किसने इन्हें बनाया, यह पता लगाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है.
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने CCTV कैमरों को निशाना बनाया. आरोप है कि इन लोगों ने कैमरों को तोड़ने या उनकी दिशा बदलने की कोशिश की, ताकि उनकी पहचान न हो सके और सबूत मिटाए जा सकें. यह तरीका आमतौर पर योजनाबद्ध अपराधों में देखा जाता है, जिससे पुलिस को जांच में मुश्किलें आती हैं. पुलिस अब इलाके के बचे हुए फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है.
फिलहाल पुलिस वायरल ऑडियो क्लिप, इंस्टाग्राम चैट और व्हाट्सएप ग्रुप्स के लिंक को जोड़कर पूरी साजिश की कड़ी तलाश रही है. अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. नोएडा हिंसा का यह मामला अब सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि सुनियोजित हिंसा की ओर इशारा कर रहा है. आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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