फर्स्ट लैंग्वेज अंग्रेजी न होने पर ब्रिटेन में भारतीय महिला को जॉब से निकाला – indian origin woman uk fired english first language sai keerthana telugu ntc amkr

ByCrank10

April 14, 2026


ब्रिटेन में भारतीय मूल की महिला को स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट के पद से इसलिए हटा दिया गया क्योंकि उसने बताया कि अंग्रेजी उसकी फर्स्ट लैंग्वेज नहीं है, और वह अपने मरीजों व साथियों की बातें ठीक से समझ नहीं पाती. इस महिला का नाम साई कीर्तना श्रीपेरम्बुदुरु है जिसने अक्टूबर 2023 में यॉर्क एंड स्कारबोरो टीचिंग हॉस्पिटल्स एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में काम शुरू किया था.

साई कीर्तना 8 महीने को प्रोबेशन अवधि पूरी करने के बाद जून 2024 में नौकरी से हटा दिया गया, हालांकि उनके निष्कासन की खबर अब सामने आई है.

साई कीर्तना ने अपने आवेदन पत्र में दावा किया था कि अंग्रेजी उनकी फर्स्ट लैंग्वेज है और उसे इसे साबित करने की कोई अनिवार्यता नहीं थी. लेकिन डेली मेल के मुताबिक कुछ ही हफ्तों में उसके सहयोगियों ने पाया कि वह मरीजों से बात करने में असमर्थ है.

इस मामले की जांच के लिए 7 नवंबर को एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें साई कीर्तना ने स्वीकार किया कि तेलुगु उसकी फर्स्ट लैंग्वेज है, न कि अंग्रेजी.

बाद में दिसंबर में, साई कीर्तना ने कहा कि वह काम के अलावा नियमित रूप से अंग्रेजी की कक्षाएं ले रही थीं, और माना कि बच्चों या माता-पिता के तेजी से बोलने के कारण उसे बातचीत समझने में कठिनाई हो रही थी. जिसके चलते एक स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट के रूप में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था.

जानकारी के मुताबिक, आवेदन प्रक्रिया के दौरान साई कीर्तना ने चैट-बॉक्स सुविधा का उपयोग करने का अनुरोध किया था, जिससे इंटरव्यूअर्स के आमने-सामने की बातचीत के बजाय प्रश्न टाइप करने की सुविधा मिल सके.

नौकरी से निकाले जाने के फैसले को दी चुनौती

साई कीर्तना ने ट्रस्ट द्वारा उसे बर्खास्त करने के फैसले को चुनौती दी, और हेल्थ एंड केयर प्रोफेशन्स ट्रिब्यूनल सर्विस (एचसीपीटीएस) की सुनवाई में बताया कि उसकी शिक्षा अंग्रेजी में हुई थी और इसलिए इसे उसकी फर्स्ट लैंग्वेज माना जा सकता है. हालांकि, उसकी इस बात से असहमति जताई गई और कहा गया कि नौकरी पाने के लिए ट्रस्ट को धोखा देने की कोशिश की गई है.

फॉर्म भरते वक्त पूछा गया था क्या अंग्रेजी आपकी फर्स्ट लैंग्वेज है? ‘हां’ तभी कहना चाहिए जब अंग्रेजी आपके दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली प्राथमिक या एकमात्र भाषा हो. अंग्रेजी में पढ़ाई करना या किसी ऐसे संस्थान में शिक्षा या प्रशिक्षण पूरा करना जहां अंग्रेजी शिक्षा का माध्यम है, इसे आपकी फर्स्ट लैंग्वेज नहीं बना देता.

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, साई कीर्तना ने दावा किया कि उसे विश्वास था कि उसकी शिक्षा और पेशेवर अभ्यास की वजह से अंग्रेजी को फर्स्ट लैंग्वेज माना जा सकता है.

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