आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) चैटबॉट को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें बताया है कि यह 50 परसेंट मेडिकल एडवाइस गलत दे रहा है. यह लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहा है और उनकी मेडिकल कंडिशन को बिगाड़ सकता है. इसकी वजह से जान के लिए भी बड़ा खतरनाक साबित हो सकता है.

दरअसल, बहुत से लोग AI चैटबॉट को एक सलाहकार के रूप में यूज करने लगे हैं. यहां तक कि कुछ यूजर्स तो मेडिकल संबंधित सलाह मांगने लगते हैं, जिस पर वे आंख बंद करके यकीन कर लेते हैं.

पांच पॉपुलर AI को लेकर रिसर्च किया

एक रिसर्च सामने आई है, जिसमें रिसर्चर ने करीब पांच पॉपुलर AI को लेकर रिसर्च किया है. इसमें ओपनएआई का चैटजीपीटी, गूगल का जेमिनाई, मेटा का मेटा एआई, X का ग्रोक और चीन के डीपसीक का ऐलान किया है.

रिसर्च के लिए 10-10 सवाल पूछे

रिसर्च में सभी प्लेटफॉर्म से मेडिकल को लेकर भी सवाल किए गए हैं. रिसर्चर ने इन सभी से स्वास्थ्य से जुड़े पांच अलग-अलग कैटेगरी में 10-10 सवाल पूछे.

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20% जवाब बेहद गंभीर रूप से गलत

रिसर्च के अंदर करीब 50 परसेंट को मुस्किल बताया गया है. इनमें करीब 20% जवाब बेहद गंभीर रूप से गलत या भ्रामक थे. ये रिजल्ट इस सप्ताह मेडिकल जर्निल BMJ ओपन के तहत पब्लिश किए गए हैं.

रिसर्च में बताया है कि AI चैटबॉट ने क्लोज एंडेड सवाल और वैक्सीन व कैंसर से कनेक्टेड सवालों पर बेहतर रिजल्ट दिया. वहीं, ओपन एंडेड सवालों पर बड़ी कमजोर परफॉर्मेंस रही हैं.

पूरे आत्मविश्वास से दे रहा था जवाब

रिसर्च में ये भी पाया गया है कि ज्यादातर जवाब पूरे आत्मविश्वास और निश्चितता के साथ द गई. हालांकि कोई भी AI चैटबॉट किसी भी सवाल के जवाब पूरी तरह से सटीक और पूर्ण रूप से लिस्ट नहीं दिया गया है. सिर्फ दो बार ऐसा हुआ जब चैटबॉट ने जवाब देने से इनकार कर दिया.

रिसर्च में सामने आए रिजल्ट से पता चलता है कि बहुत से लोग जनरेटिव AI प्लेटफॉर्म का यूज करके मेडिकल संबंधित समस्या के पूर में पूछ रहे हैं, जबकि AI के पास ऐसा मेडिकल एडवाइस देने का कोई लाइसेंस भी नहीं है.

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