केरल से फरार एक हत्या का दोषी आखिरकार तीन महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया. यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जहां आरोपी जेल से भागकर सैकड़ों किलोमीटर दूर नई पहचान के साथ रह रहा था. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने आरोपी को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के पास से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी लंबे समय तक पुलिस को चकमा देता रहा और अपनी पहचान छिपाकर वहां रहता रहा.

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विनीश (25) के रूप में हुई है, जो केरल के मलप्पुरम जिले का रहने वाला है. वह 2021 में दर्ज एक हत्या के मामले में दोषी करार दिया जा चुका था. इस मामले की सुनवाई पेरिनथलमान्ना पुलिस स्टेशन के अंतर्गत हुई थी. अदालत के फैसले के बाद उसे जेल भेज दिया गया था. लेकिन जेल में रहने के दौरान उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई. इसी आधार पर उसे इलाज के लिए मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहीं से उसने फरार होने की पूरी साजिश रची.

RPF अधिकारियों के मुताबिक, 29 दिसंबर 2025 को आरोपी ने अस्पताल से भागने की योजना को अंजाम दिया. उसने पुलिसकर्मियों और अस्पताल प्रशासन दोनों को चकमा दिया और मौके से फरार हो गया. यह फरारी इतनी सुनियोजित थी कि किसी को भनक तक नहीं लगी. आरोपी ने भागने के लिए सही समय और मौके का फायदा उठाया. उसके भागते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. फौरन उसकी तलाश शुरू कर दी गई, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया. इससे उसकी तलाश और मुश्किल हो गई.

फरार होने के बाद विनीश लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके. सबसे पहले वह ट्रेन के जरिए केरल से नागपुर पहुंचा. वहां कुछ समय बिताने के बाद वह मुंबई चला गया. जांच में सामने आया कि मुंबई में उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक कबाड़ी का रूप धारण कर लिया. वह शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमता और कूड़ा-कचरा बीनकर अपना गुजारा करता था. इस दौरान उसने बेहद साधारण जीवन जीकर खुद को लोगों की नजरों से दूर रखा. उसकी यही चालाकी उसे इतने समय तक बचाए रखने में कामयाब रही.

इस बीच केरल पुलिस की एक विशेष टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी. पुलिस को जांच के दौरान कई जगहों से उसके देखे जाने की सूचना मिली. खासतौर पर नासिक और कल्याण में उसकी मौजूदगी के इनपुट सामने आए. इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने कई बार दबिश भी दी, लेकिन आरोपी हर बार बच निकलने में सफल रहा. वह हर बार अपनी लोकेशन बदल देता था, जिससे उसकी गिरफ्तारी टलती रही. लगातार मिल रहे इनपुट के बावजूद पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही थी.

आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को इस केस में बड़ा ब्रेकथ्रू मिला. RPF को एक मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मुंबई के CSMT स्टेशन के बाहर थैंक यू गेट के पास बैठा हुआ है. सूचना मिलते ही RPF टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. टीम ने मौके पर पहुंचकर जाल बिछाया और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तस्वीरों के जरिए की. जैसे ही आरोपी को शक हुआ, उसने भागने की कोशिश की. लेकिन पहले से तैयार टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. कुछ ही देर में उसे दबोच लिया गया.

गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपनी पहचान कबूल कर ली. उसने यह भी स्वीकार किया कि वह हत्या के मामले में दोषी है और अस्पताल से भागा था. पूछताछ के दौरान उसने अपने भागने और छिपने की पूरी कहानी पुलिस को बताई. इसके बाद RPF ने तुरंत केरल पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही केरल पुलिस की टीम उसी दिन मुंबई के लिए रवाना हो गई. दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई.

सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को केरल पुलिस के हवाले कर दिया गया. अब उसे वापस केरल ले जाया गया है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इस गिरफ्तारी के साथ ही तीन महीने से फरार आरोपी की तलाश खत्म हो गई. यह मामला सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और समन्वय का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है. साथ ही यह भी दिखाता है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न करे, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता. पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है.

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