कनाडा की नागरिकता समारोह के दौरान अपने अंदाज़ में खास पल को सेलिब्रेट करती एक भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने लोगों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के साथ एक बड़ी बहस छेड़ दी है.

वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला नागरिकता सर्टिफिकेट लेने के लिए मंच की ओर बढ़ते हुए गरबा स्टेप्स करती नजर आ रही है. वह मुस्कुराते हुए कैमरे की तरफ देखती है और पूरे उत्साह के साथ डांस करती हुई आगे बढ़ती है. जैसे ही वह अधिकारी के पास पहुंचती है, वह डांस रोकती है, हाथ मिलाती है और अपनी नागरिकता से जुड़ा दस्तावेज़ प्राप्त करती है.

क्लिप में एक और हिस्सा भी दिखाया गया है, जहां कई लोग एक साथ खड़े होकर नागरिकता की शपथ ले रहे हैं, जिसमें यह महिला भी शामिल है. वीडियो के अंत में वह कैमरे की ओर हाथ हिलाकर मुस्कुराती नजर आती है, जिससे उसकी खुशी और गर्व साफ झलकता है. यह वीडियो खुद महिला ने इंटाग्राम पर डाला है, जो वायरल हो गया और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

यह वीडियो X (पहले ट्विटर) पर भी शेयर किया गया, जिसके साथ कैप्शन में लिखा था, “मैं शब्दों में बयां नहीं कर पा रहा हूं… सोचिए, नागरिकता समारोह में इस तरह डांस करना. सिविक सेंस की कोई सीमा नहीं रही और फिर इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करना।” वीडियो पर “Receiving Canadian Citizenship With Garba” का टेक्स्ट ओवरले भी था.

वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कुछ लोगों ने महिला के इस अंदाज़ को खुशी और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के रूप में देखा और उसका समर्थन किया.

एक यूज़र ने लिखा, “आप चाहे जितना कुछ भी कहें, लेकिन वह खुशी से अपनी नागरिकता स्वीकार कर रही है, मुस्कुरा रही है और अपने परिवार और दोस्तों के साथ जश्न मना रही है, जबकि आप यहां नाखुश होकर ट्वीट कर रहे हैं. खुश रहना सीखिए.”

वहीं, कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और इसे औपचारिक कार्यक्रम के लिए अनुचित बताया. एक यूज़र ने टिप्पणी की, “किसी को उसके कनाडाई नागरिक बनने से समस्या नहीं है, लेकिन जब आप स्पष्ट रूप से भारतीय हैं तो इस तरह जश्न मनाने की क्या जरूरत? यह शर्मनाक है, हमारे पूर्वज भी इसे देखकर दुखी होंगे.”

कुछ लोगों ने इस घटना को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए भी सवाल उठाए. एक यूज़र ने लिखा, “कम से कम एक संस्कृति के प्रति ईमानदार रहिए. आप भारत में रहना नहीं चाहते और अपनी संस्कृति भी छोड़ना नहीं चाहते.”

एक अन्य यूज़र ने कहा, “उस देश के प्रति सम्मान कहां है जिसने आपको अपनाया है? यह बहुसांस्कृतिकता नहीं, बल्कि कनाडा को अपने गांव का विस्तार बनाने जैसा है. नए नागरिकों को थोड़ा घुलना-मिलना चाहिए, या अब यह कहना भी नस्लवाद हो गया है?”

हालांकि, कई लोगों ने महिला के पक्ष में भी आवाज उठाई और आलोचनाओं पर सवाल खड़े किए. एक यूज़र ने लिखा, “आपको क्या दिक्कत है? वह खुश है कि जो भारत उसे नहीं दे सका, वह अब उसे वहां मिलेगा.”

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