कानपुर में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच में लगातार सनसनीखेज तथ्य सामने आ रहे हैं. मामले में आरोपी रोहित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पता चला है कि फर्जी डॉक्टरों द्वारा किए गए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के चलते एक नहीं, बल्कि दो मरीजों की मौत हुई थी. दोनों ही मरीजों ने भारी रकम खर्च कर ऑपरेशन कराया था.
दिल्ली में महिला मरीज की मौत
जांच में सामने आया है कि एक महिला की हालत ट्रांसप्लांट के बाद बिगड़ गई थी. उसे गंभीर स्थिति में दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. सूत्रों के मुताबिक, मृतका के परिजनों ने मामले में शामिल आरोपी शिवम को फोन कर शव दिलाने की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि मामला उजागर होने पर सभी फंस सकते हैं.
नेपाल से आए युवक की भी गई जान
वहीं, दूसरे मामले में नेपाल का एक युवक किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कानपुर आया था. उसका ऑपरेशन शहर के एक निजी अस्पताल, मेडी लाइफ में किया गया था. ऑपरेशन के बाद संक्रमण फैलने से उसकी हालत बिगड़ गई और अंततः उसकी भी मौत हो गई.
शिकायत न होने से चलता रहा रैकेट
पुलिस के अनुसार, पूरा नेटवर्क अवैध तरीके से संचालित हो रहा था. डर और कानूनी उलझनों के चलते दोनों ही मामलों में परिजनों ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई. इसी का फायदा उठाकर आरोपी लंबे समय तक बेखौफ होकर इस रैकेट को चलाते रहे.
डोनर की तलाश में जुटी पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को नेपाल से जुड़े एक डोनर का मोबाइल नंबर मिला है, जिसकी पहचान ‘लिंगु’ नाम के व्यक्ति के रूप में हुई है. हालांकि, फिलहाल उसका फोन बंद है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है. पुलिस अब संबंधित रिसीपिएंट की पहचान करने में भी जुटी हुई है. पुलिस का कहना है कि मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं और रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.
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