लोकसभा गुरुवार को संसद का विशेष सत्र हंगामे से भरपूर रहा. इस दौरान महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर सरकार और विपक्ष ने चर्चा की. सरकार ने जहां एक ओर अपने तर्क से इस बिल को बेहद जरूरी बताया तो वहीं विपक्ष ने कहा कि सरकार की मंशा भरोसेमंद नहीं है.
इस दौरान महिला आरक्षण के साथ परिसीमन का मुद्दा जोर-शोर से उछला और विपक्षी दल के सांसदों ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि, वह महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इससे परिसीमन को अलग कर लिया जाए तो ही. महिला आरक्षण एक छलावा है जिसकी आ़ड़ में बैकडोर से परिसीमन लागू करने की बात कही जा रही है.
महिला आरक्षण से जुड़े संशोधनों पर सरकार और विपक्ष से किसने क्या कहा- डालते हैं इस पर एक नजर.
परिसीमन में किसी राज्य के साथ नहीं होगा भेदभाव, ये मेरी गारंटी- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को दोपहर बाद सदन में इस चर्चा में हिस्सा लिया. उन्होंने तकरीबन 40 मिनट के संबोधन में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कहा कि, परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. यह मोदी की गारंटी है और वादा है. विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है. मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं.

प्रियंका बोलीं- बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं, संभल जाइए
इस पर जब प्रियंका गांधी ने अपनी स्पीच दी तो उन्होंने कहा,’वे (पीएम) कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. मैं कहती हूं कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती है. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे.’
फिर प्रियंका गांधी ने अपने स्पीच में दक्षिण भारत के राज्यों की परेशानियों और उनके प्रतिनिधित्व के सवालों की बात कही. उन्होंने कहा- 2011 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाकर मोदी उनका हक छीनना चाहते हैं, कांग्रेस यह होने नहीं देगी. इस बिल में और भी कमी है कि संसद में 50% विस्तार का प्रस्ताव है लेकिन इस परिवर्तन के नियम क्या होंगे उसके बारे में कोई डिटेल नहीं है.
बिल पास हुआ तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा- प्रियंका गांधी
‘पीएम के खोखले आश्वासनों के बावजूद संसद में राज्यों की मौजूदगी बदल जाएगी. जिस तरह असम में उन्होंने मनचाही सीटों को काटा, नई सीमाएं बनाएं उसी तरह यह देश में करेंगे. परिसीमन आयोग में सरकार द्वारा चुने गए तीन लोग देश के लोकतंत्र को खत्म करेंगे. अगर ये बिल पास होता है देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा. मौजूदा सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है. ये ओबीसी वर्ग का हक छीन रहे हैं, ताकि कुछ प्रदेशों की ताकत कम किया जा सके.
प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसा- उन्होने कहा ‘शाह जी हंस रहे हैं, पूरी प्लानिंग बना रखी है. चाणक्य आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते. एक तरफ महिला आरक्षण दूसरी तरफ काट-छाट की आजादी.’

विपक्ष बिल को लेकर भ्रम फैला रहा- अमित शाह
प्रियंका गांधी के भाषण के बाद गृहमंत्री अमित शाह खड़े हुए और उन्होंने कहा कि- वैसे मैं कई सवालों पर कल विस्तार से जवाब दूंगा, फिर भी कुछ बातें अभी क्लियर कर देनी चाहिए. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि 3 बिलों से साउथ के राज्यों की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी.
उन्होंने कहा, ‘लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं. परिसीमन के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएंगी. तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी.’ उन्होंने साफ कहा कि दक्षिण के राज्यों की शक्ति बिल्कुल कम नहीं होगी, दक्षिण के राज्यों में इस बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
जातीय जनगणना पर भी फैला रहे झूठ- अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि यह भी झूठ है कि सरकार जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती. जनगणना दो हिस्सों में होती है पहले मकानों को इंगित किया जाता है. फिर निवासियों से पूछा जाता है. 850 का आंकड़ा कहां से आया, ये भी समझाता हूं. मानों 100 सीटें हैं जिसमें 33% आरक्षण देना है तो उसमें 50 सीटें बढ़ाते है तो सीटें 150 होती हैं. 850 राउंड ऑफ फिगर है, कल ये भी डिटेल में बताऊंगा.

सुबह से ही हंगामेदार रहा विशेष सत्र
बता दें कि गुरुवार सुबह जैसे ही ये बिल सदन में चर्चा के लिए प्रस्तावित हुआ, तुरंत ही इस पर हंगामा होने लगा. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश किया और बिल के लोकसभा में पेश करते ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बिल का विरोध किया तो सदन में हंगामा शुरू हो गया.
अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव ने किया बिल का विरोध
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि देश के संविधान में हम सांसद को पावर इस बात की दी गई है कि संविधान की रक्षा करें, सुरक्षा करें, लेकिन सभापति जी आज ऐसे बिल आए हैं कि जो हमारे संविधान को ही तोड़-मरोड़ रहे हैं और इसका हम समाजवादी पार्टी के लोग पुरजोर विरोध करते हैं. इसके बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी सवाल किया कि जनगणना क्यों नहीं करा रहे. आप धोखा देकर ये बिल लाना चाहते हैं.
अमित शाह की दो टूक- सपा की चले तो घरों की भी जाति तय कर दें
इस पर अमित शाह ने कहा- कुछ बयान ऐसे किए गए जो जनता में चिंता पैदा कर रहे हैं. अखिलेश पूछ रहे हैं जनगणना क्यों नहीं हो रही है? मैं देश को बताना चाहता हूं जनगणना जारी है. उन्होंने कहा कि हम जातीय जनगणना की मांग करेंगे. मैं बताना चाहता हूं कि सरकार इसका भी निर्णय ले चुकी है.
अभी घरों की गिनती हो रही है. घरों की कोई जाति नहीं होती. समाजवादी पार्टी की चले तो घरों की भी जाति तय कर दे. जब नागरिकों की जनगणना होगी तब उसमें जाति का कॉलम रखा है. मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये जनगणना जाति के साथ ही होने वाली है.

अखिलेश यादव बोले कि आपने अनडेमोक्रेटिक बात कही है. पूरा देश आधी आबादी को आरक्षण चाहता है. मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या है? अमित शाह ने कहा- समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है.
इस शुरुआती बहस के बाद, सदन में बिलों को पेश करने के लिए करने के लिए ध्वनि मत से पास कराने की कोशिश की गई. इसके बाद विपक्ष ने मत विभाजन मांगा. इसके बाद स्पीकर ने इसके लिए वोटिंग की अनुमति दी. पक्ष में 251 और विपक्ष 185 वोट पड़े. तय हुआ कि लोकसभा में पेश किए गए तीनों बिलों पर 17 अप्रैल को शाम 4 बजे वोटिंग होगी.
कानून मंत्री बोले- आज का दिन ऐतिहासिक
इसके बाद जब बिल पर चर्चा आगे बढ़ी तो कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बिल को पुनर्स्थापित करते हुए बोलना शुरू किया. उन्होंने कहा- हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान को यह शक्ति दी है कि संशोधन करके लोकहित के फैसले ले सकते हैं. ये तीनों बिल, महिलाओं के लिए हैं. हमारे पास सामाजिक न्याय के लिए नीयत भी है, नीति भी है और मोदी जैसा नेता भी है. उन्होंने इस पल को ऐतिहासिक बताया.
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई बोले- 3 साल पहले भी महिला आरक्षण पर यही बातें कहीं
इसके बाद जब कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने परिसीमन बिल पर बोलना शुरू किया तो उन्होंने कानून मंत्री मेघवाल पर निशाना साधा. उन्होंने कहा- कानून मंत्री कि बात से ऐसा लग रहा था कि, पहली बार सदन में महिला आरक्षण पर चर्चा हो रही है. अपने भाषण में उन्होंने ऐसा ढांचा बनाने की कोशिश की.

आज से ही 3 साल पहले गृह मंत्री ने ऐसी ही बातें की थीं. अगर दोनों की बातें सुनेंगे तो 90 प्रतिशत वही बातें हैं, जो आज कानून मंत्री ने कहीं. उस समय भी ऐसी ही बातें थीं. तब भी हमने यही कहा था कि हमारी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसे सरल कीजिए, ताकि जब पारित हो तभी लागू हो जाए. इसे परिसीमन के साथ न जोड़ें.
परिसीमन पर फैलाया जा रहा भ्रम- तेजस्वी सूर्या
इसके बाद बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने परिसीमन को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में लोगों में बहुत बड़ा भ्रम फैलाया जा रहा है. पिछले तीन दिनों में हमने दक्षिण भारत में विपक्ष का विरोध अराजक होता जा रहा है और विपक्ष भ्रम भी फैला रहा है. परिसीमन कोई बैकडोर प्रोसेस नहीं है, ये संविधान के निर्धारित नियमों के आधार पर ही हो रहा है. तेजस्वी सूर्या ने कहा कि अगर लोकसभा सीटों को फ्रीज रखा जाता है और महिला आरक्षण को उसी रूप में लागू किया जाता है, तो इससे वोटों के असल वैल्यू का नुकसान हो जाएगा.
तेजस्वी सूर्या ने सदन में सभी राज्यों का आंकड़ा भी सामने रखा और बताया कि परिसीमन के बाद किसकी कितनी सीटें बढ़ेंगी. उन्होने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू नहीं किया जाएगा. सीएम एमके स्टालिन गलत जानकारी फैला रहे हैं. परिसीमन के जरिए तमिलनाडु से सांसदों की संख्या 39 से बढ़कर 59 हो सकती है. इससे तो तमिलनाडु का भी रिप्रेजेंटेशन बढ़ेगा.

अरविंद सावंत और निशिकांत दुबे में तीखी बहस
चर्चा के दौरान माहौल उस समय गरमा गया, जब प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने बोलना शुरू किया. उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के बाद बोलने का अवसर मिला, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है.
फिर अपने संबोधन के बीच में वह बीजेपी से जुड़े विवादित मामलों की ओर मुड़ गए. उन्होंने चेयर को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमें नहीं भूलना चाहिए कि कुलदीप सेंगर कौन है और किस पार्टी से है. यह भी याद रखना चाहिए कि बृजभूषण शरण सिंह कौन हैं और किस पार्टी से जुड़े हैं.’
सांसद ने जैसे ही इन नामों को लिया तो सदन में भाजपा सदस्य जोरदार नारेबाजी करने लगे. माहौल को संभालने के लिए स्पीकर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि, संसद में किसी पर इस तरह आरोप लगाना ठीक नहीं है. उधर, हंगामे के बीच भी अरविंद सावंत अपनी बात पर कायम रहे और उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, ‘बलात्कारी बहुत प्यारे हैं क्या?” इस बयान के बाद सदन में फिर शोर-शराबा बढ़ गया.
इस पर बीजेपी की ओर से गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- अगर ये कुलदीप सेंगर और बृजभूषण शरण सिंह की बात करेंगे तो आदित्य ठाकरे की भी बात होगी. उसने भी ‘हीरोईन’ को मार दिया. इसके बाद पक्ष और विपक्ष में कुछ देर तक हंगामा होता रहा. पीठासीन जगदंबिका पाल ने बीचबचाव की कोशिश की और कहा कि ये व्यक्तव्य रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं होंगे. इसके बाद मामला शांत हुआ.
सांसद कंगना रनौत बोलीं- ये महिलाओं के लिए पीएम मोदी का तोहफा
सदन में चर्चा देर रात तक जारी रही. बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में कहा कि जब भी कुछ अच्छा होने लगता है तो कांग्रेस के पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं. एक तरफ प्रधानमंत्री जी की नीति है, तो दूसरे तरफ विपक्ष के लोग. मुलायम सिंह यादव जी ने कहा था कि अगर ये बिल आएगा तो सिर्फ शहरी महिलाएं ही सदन में आएगी.
ये है विपक्ष की सोच. उन्होंने कहा- जब मैं राजनीति में आई थी तो ऐसी ही सोच वाले लोगों ने मेरे पोस्टर लगाकर कमेंट किया था कि ‘मंडी में क्या भाव है.’ कंगना रनौत ने कहा- आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है. यह सभी माताओं बहनों के लिए पीएम मोदी की तरफ से तोहफा है कि जाओ बेटियों जी लो अपनी जिंदगी.
सपा सांसद देवेश शाक्य ने कहा कि हम चाहते हैं कि अगर सरकार महिलाओं की वाकई हितैषी है तो इसे आज ही लागू कर दें. लेकिन अगर परिसीमन अच्छा नहीं होगा तो इसके परिणाम भी अच्छे नहीं होंगे. बहुत सी महिलाएं ऐसी है जिन्हें आज तक न्याय नहीं मिला. मैं मांग करता हूं कि पहले जाति जनगणना कराए फिर आगे की प्रक्रिया हो.
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये बिल कानून बना तो विपक्ष की आवाज बिल्कुल खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि देश में उत्तर राज करेगा, जबकि खर्च दक्षिण वहन करेगा. ओवैसी ने कहा कि देश को मिलने वाले कुल टैक्स में 21 फीसदी हिस्सा दक्षिण भारत से आता है, जबकि भारत की जीडीपी में दक्षिण का योगदान करीब 30 फीसदी है. उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022‑23 में दक्षिण भारत का योगदान 3.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि देश की कुल आबादी में दक्षिण भारत की हिस्सेदारी केवल 19 फीसदी है.
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