कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में खराब प्रदर्शन जारी है. 17 अप्रैल (शुक्रवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए मुकाबले में गुजरात टाइटन्स (GT) ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 5 विकेट से हरा दिया. कोलकाता नाइट राइडर्स की मौजूदा आईपीएल सीजन में ये पांचवी हार रही. कोलकाता नाइट राइडर्स को अब तक एक भी जीत नहीं मिली है. उसका पंजाब किंग्स (PBKS) संग मुकाबला बारिश के चलते धुल गया था, जिसके कारण उसके खाते में सिर्फ 1 अंक है. कोलकाता नाइट राइडर्स अंकतालिका में 10वें एवं आखिरी पायदान पर कायम है.
गुजरात टाइटन्स के खिलाफ हार के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे का दर्द छलक पड़ा. रहाणे का मानना है कि एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ती है और एक टीम के तौर पर खिलाड़ियों को भरोसा रखना होगा. रहाणे का खुद का प्रदर्शन इस मुकाबले में निराशाजनक रहा और वो खाता भी नहीं खोल पाए.
अजिंक्य रहाणे ने कहा, ‘हार के बाद मैच के बारे में बात करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन मैं सकारात्मक पहलुओं पर बात करना चाहूंगा. शुरुआत में हमारे दो-तीन विकेट जल्दी गिर गए थे, लेकिन उसके बाद जिस तरह कैमरन ग्रीन ने बल्लेबाजी की, वह शानदार था. 147 रन पर 4 विकेट और वहां से 180 तक पहुंचना बल्लेबाजी के लिहाज से थोड़ा मुश्किल था.’
रहाणे ने गेंदबाजों की तारीफ की
अजिंक्य रहाणे ने आगे कहा, ‘मैं हमारे गेंदबाजों को श्रेय देना चाहूंगा. उन्होंने जिस तरह गेंदबाजी की और मैच को आखिरी ओवर तक ले गए, वह काबिल-ए-तारीफ था. शुभमन गिल ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की. हल्की ओस भी थी, लेकिन हम कोई बहाना नहीं बनाना चाहते. साई सुदर्शन और शुभमन गिल दोनों ने शानदार खेल दिखायाा.’
अजिंक्य रहाणे कहते हैं, ‘हमारे तीन मुकाबले बहुत करीबी रहे हैं. कैमरन ग्रीन क्रैम्प्स से जूझ रहे थे, इसी वजह से वह मैदान से बार-बार बाहर जा रहे थे और इसी कारण उन्होंने गेंदबाजी भी नहीं की. मुझे लगता है कि सबसे जरूरी चीज मौजूदा पल में बने रहना है. जब चीजें आपके पक्ष में नहीं जातीं, तो आप बहुत ज्यादा सोचने लगते हैं. लेकिन हमें उन चीजों के बारे में नहीं सोचना चाहिए जो हमारे नियंत्रण में नहीं हैं.’
अजिंक्य रहाणे ने बताया, ‘एक टीम के तौर पर हमें खुद पर भरोसा रखना होगा. मैदान पर जाकर खेल का आनंद लेना होगा और अपने खेल पर फोकस करना होगा. यही हमारी कोशिश थी कि शुरुआत से ही सकारात्मक और आक्रामक खेल दिखाया जाए. हम सिर्फ यही चाहते थे कि पहली गेंद से ही सकारात्मक सोच के साथ खेलें और बिना किसी प्रेशर के अपना स्वाभाविक खेल दिखाएं.’
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