कन्नड़ सुपरस्टार यश इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं. पिछले हफ्ते लॉस एंजिल्स में अपनी फिल्म ‘रामायण’ का प्रमोशन करने पहुंचे यश ने वहां अपनी अगली मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘Toxic: A Fairytale for Grown-Ups’ की पहली झलक दिखाकर सबको हैरान कर दिया. यश ने न केवल फिल्म का नौ मिनट का एक्सक्लूसिव फुटेज दिखाया, बल्कि इस प्रोजेक्ट को लेकर कई ऐसी बातें शेयर कीं

सफलता का मानना है कि यह फिल्म इंडियन सिनेमा में कहानी कहने के तरीकों को पूरी तरह बदल देगी. यह सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा सिनेमाई अनुभव होगा जो दर्शकों को एक अलग ही दुनिया में ले जाएगा.

टॉक्सिक की कहानी चल गई पता
एक न्यूज़ पोर्टल से खास बातचीत के दौरान यश ने अपनी दोनों बड़ी फिल्मों की तुलना की. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘Toxic’ उनकी पौराणिक फिल्म ‘रामायण’ से जमीन-आसमान का फर्क है. यश ने फिल्म के टाइटल को सही ठहराते हुए बताया कि यह ‘बड़ों के लिए एक परियों की कहानी’ जैसी है. फिल्म की थीम के बारे में खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि यह मूल रूप से बाप और बेटे के बीच बदले की एक ऐसी कहानी है, जो स्क्रीन पर बेहद जबरदस्त और रोंगटे खड़े कर देने वाले अंदाज में पेश की जाएगी.

फिल्म की कहानी के बारे में हिंट देते हुए यश ने बताया कि इसे एक बहुत ही ऐतिहासिक टाइम पीरियड में सेट किया गया है. उन्होंने याद दिलाया कि 1947 में भारत की आजादी के बाद भी गोवा 1961 तक पुर्तगालियों के कब्जे में था. फिल्म का प्लॉट इसी दौर के इर्द-गिर्द बुना गया है.

अनुराग कश्यप भी एक्साइटेड
वहीं फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी यश की फिल्म ‘Toxic’ की तारीफ की है.  Vishwavani TV को दिए एक और इंटरव्यू में जब अनुराग कश्यप से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘यह कुछ ऐसा है जिसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे. जिस तरह से उन्होंने (गीतू मोहनदास) इस फिल्म को बनाया है.’ अनुराग कश्यप ने ये भी कहा कि फिल्म के टाइटल को अश्लील कंटेंट से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, उन्होंने आगे कहा, ‘A Fairytale for Grown-Ups’ का मतलब है कि आपको अपनी सोच का दायरा बढ़ाना होगा.’Grown-ups’ का मतलब हमेशा सेक्सुअलिटी से जुड़ा होना जरूरी नहीं है. आपको अपनी नैतिकता का दायरा बढ़ाना होगा.’

‘आपको अपनी उस सोच को बदलना होगा कि हिंदी सिनेमा ने हमेशा हमारी महिला किरदारों या पुरुष किरदारों को किस नजर से देखा है. यह फिल्म इसी सोच का दायरा बढ़ाती है. यह हमेशा सेक्सुअलिटी के बारे में नहीं होती.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब हम ‘एडल्ट’ कहते हैं, तो इसका मतलब सिर्फ फिल्म की रेटिंग से नहीं होता, ‘एडल्ट’ का मतलब है ऐसा इंसान जो अपने लिए खुद सोच-समझकर फैसले ले सके. तो ‘Toxic’ ऐसे ही लोगों के बारे में है जो अपने लिए खुद सोच सकते हैं.’

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *