ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद भी उनके अंतिम संस्कार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. सुरक्षा चिंताओं, संभावित हमलों और भीड़ प्रबंधन के जोखिम के चलते सरकार फैसला लेने में सतर्कता बरत रही है. मौजूदा तनावपूर्ण हालात में बड़े सार्वजनिक आयोजन करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, जिससे इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है और हालात सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है
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अली खामेनेई को अब तक सुपुर्द-ए-खाक क्यों नहीं किया गया?

