ईडन गार्डन्स में सोमवार शाम शोर जीत का था, लेकिन एक तस्वीर ऐसी थी जिसने पूरे मुकाबले की कहानी बदल दी. कोलकाता नाइट राइडर्स ( Kolkata Knight Riders) की जीत के जश्न के बीच राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के 15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी बाउंड्री रोप के पास अकेले बैठे रोते नजर आए.

मैच खत्म होने के बाद जब खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम की ओर लौट रहे थे, वैभव वहीं मैदान पर ठहर गए. चेहरा झुका हुआ, आंखों में आंसू- जैसे हार का सारा बोझ उन्होंने अपने कंधों पर ले लिया हो.

इस भावुक पल में विरोधी टीम ने भी संवेदनशीलता दिखाई. KKR के सपोर्ट स्टाफ का एक सदस्य युवा बल्लेबाज के पास पहुंचा, उसके साथ बैठकर उसे ढांढस बंधाया. प्रतिस्पर्धा के बीच यह दृश्य क्रिकेट के मानवीय पक्ष को उजागर करता है.

46 रनों की पारी, लेकिन अधूरा सपना

वैभव सूर्यवंशी ने मुश्किल पिच पर बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में 46 रन बनाए. यशस्वी जायसवाल के साथ उनकी साझेदारी ने टीम को नौवें ओवर में 81 रन तक पहुंचा दिया. हालांकि, अर्धशतक से चार रन पहले आउट होने के बाद राजस्थान की पारी लड़खड़ा गई.

वरुण चक्रवर्ती (3/14) और सुनील नरेन (2/26) की स्पिन जोड़ी ने मैच का रुख पलट दिया और टीम 155/9 तक पहुंच पाई.

156 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए KKR की शुरुआत खराब रही, लेकिन रिंकू सिंह ने नाबाद 53 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई.

यह राजस्थान रॉयल्स की छह मैचों में दूसरी हार रही, बावजूद इसके टीम 8 अंकों के साथ शीर्ष-चार में बनी हुई है. वहीं, KKR ने सीजन की पहली जीत दर्ज कर तालिका में खाता खोला.

स्कोरकार्ड में यह जीत-हार का साधारण आंकड़ा भर है, लेकिन बाउंड्री पर बैठा एक ‘बच्चा’ यह बता गया कि क्रिकेट में भावनाएं भी उतनी ही अहम हैं जितने रन और विकेट.

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