बीमा पॉलिसी की अहमियत कोरोना के बाद सभी ने समझी, लेकिन अभी भी भारतीय इंश्योरेंस को लेकर अलग राय रखते हैं. आजतक के साथ खास बातचीत में पॉलिसीबाज़ार के मार्केटिंग हेड साई नारायण ने इस पर विस्तार से बात की और इंश्योरेंस सेक्टर में मार्केटिंग की बारीकियों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि कोविड के बाद लोगों की सोच बदली है, लेकिन अभी भी सुरक्षा के बजाय लोग रिटर्न पर ज्यादा फोकस करते हैं.
साई नारायण तमिल हैं, लेकिन उनका जन्म पालन-पोषण दिल्ली के विकासपुरी में हुई है. फिलहाल, वे Policy Bazar के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर हैं. और ब्रांड, डिजिटल मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशन के अलावा सोशल मीडिया टीम का नेतृत्व करते हैं. उन्होंने पॉलिसीबाज़ार के अपने शुरुआती ‘कंपेयर कैंपेन’ का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि ये भले ही सफल नहीं रहा था, लेकिन इससे बहुत कुछ सीखने को मिला.
भारतीय ग्राहक प्राइस सेंसिटिव
पॉलिसी बाजार के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर ने कहा कि पॉलिसीबाज़ार का जन्म एक व्यक्तिगत अनुभव से हुआ था, जब उनके पिता को एक गलत इंश्योरेंस पॉलिसी बेची गई थी. उन्होंने इंश्योरेंस सेक्टर को लेकर व्यवहार में आए बदलाव पर फोकस करते हुए कहा कि इसमें कई चुनौतियां हैं. साई नारायण के मुताबिक, भारतीय उपभोक्ता बहुत प्राइस सेंसिटिव है. देश में इंश्योरेंस अक्सर एक पुश प्रोडक्ट रहा है. इसका मतलब है कि लोग इसे तब तक खरीदने के लिए आगे नहीं आते, जब तक कि उन्होंने कोई मजबूर न करे.
ग्राहकों के इंश्योरेंस खरीदने को लेकर बदले हुए व्यवहार के बारे में बात करते हुए उन्होंने कोरोना महामारी का उदाहरण दिया. साई ने कहा कि कोविड के बाद लोगों की सोच बीमा को लेकर जरूर बदली है, लेकिन अब भी लोग सुरक्षा के बजाय रिटर्न पर ज्यादा ध्यान देते हैं. उन्होंने आगे कहा कि Policybazaar को लेकर कहा कि कंपनी सिर्फ पॉलिसी नहीं बेचता, बल्कि ग्राहकों को इसकी अहमियत को लेकर एजुकेट भी करता है. अब विज्ञापनों में भी ऐसा कंटेट रखा जाता है, ताकि लोग नींद से जाग सकें.
क्रिकेट से मार्केटिंग तक साई का नाता
साई नारायण न सिर्फ मार्केटिंग से जुड़े हैं, बल्कि क्रिकेट से भी उनका गहरा नाता है. उन्होंने विकासपुरी के उसी मैदान में क्रिकेट खेला, जहां पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग खेला करते थे.
अपनी करियर जर्नी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 2000 के दशक की शुरुआत में ‘आज तक’ के साथ उन्होंने एक महीने के लिए ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटो स्कैनिंग का काम किया था. इस अनुभव ने उन्हें मीडिया और विज्ञापन की दुनिया की ओर आकर्षित किया, इसके बाद में उन्होंने ब्रांड बिल्डिंग और मार्केटिंग में अपना करियर बनाया.
विज्ञापन और मार्केटिंग का महत्व
साई ने कहा कि आज की पीढ़ी बहुत स्मार्ट है, वे जिम जाते हैं, सेहत का ध्यान रखते हैं और सुरक्षा का महत्व समझते हैं. किसी ब्रांड की मार्केटिंग स्ट्रेटजी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका बढ़ी है और उनके मार्केटिंग बजट का 15-20% हिस्सा अब इसपर खर्च होता है. इसके बाद कंटेंट पर जोर रहता है. उन्होंने कहा कि पॉलिसीबाज़ार अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटजी को उस हिसाब से लगातार बदल रहा है, जहां दर्शक मौजूद हैं. कुल मिलाकर विज्ञापन अब सिर्फ शोर मचाने के बारे में नहीं रह गया है, बल्कि प्रामाणिकता और जागरुक करने वाली कहानियों के जरिए ग्राहकों से जुड़ने के बारे में है.
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