कबूतरों से कैसे छुटकारा पाएं: अक्सर लोग शाम को या सुबह अपने घर या फ्लैट की बालकनी में बैठना पसंद करते हैं लेकिन वहां कबूतरों द्वारा फैलाई गई गंदगी और बीट मूड खराब कर देती है. कबूतर न सिर्फ शोर मचाते हैं, बल्कि उनके पंखों और गंदगी से अस्थमा और एलर्जी जैसी सांस की बीमारियों का खतरा भी बना रहता है. कई बार लोग इन्हें भगाने के लिए महंगे-महंगे जाल लगवाते हैं या केमिकल का भी इस्तेमाल करते हैं जो पक्षियों के लिए घातक हो सकते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना किसी नुकसान के भी इन्हें दूर रखा जा सकता है? वो कौन से तरीके हैं, इस बारे में जान लीजिए.
चमकदार चीजें लटकाएं
कबूतरों को चमकती हुई चीजों से डर लगता है और ऐसे में यदि आप अपनी बालकनी में पुरानी सीडी या कांच से बनी चीजें लटका देते हैं तो सूरज की रोशनी उन पर पड़कर परावर्तित होती है.
ऐसे में जब यह तेज रोशनी कबूतरों की आंखों में चुभती है तो वे उस जगह बैठने से या उसके पास जाने से बचते हैं.
तेज गंध वाली चीजें
कबूतरों की सूंघने की शक्ति काफी तेज होती है और जानकारी के मुताबिक उन्हें काली मिर्च, दालचीनी या सिरके की तीखी गंध बिल्कुल पसंद नहीं होती. ऐसे में आप पानी में काली मिर्च का पाउडर मिलाकर उसका छिड़काव उन जगहों पर कर सकते हैं जहां कबूतर ज्यादा बैठते हैं.
बर्ड स्पाइक्स और जाली
अगर कबूतरों ने बालकनी में घोंसला बना लिया है तो प्लास्टिक के बर्ड स्पाइक्स एक सुरक्षित विकल्प हैं. ये नुकीले जरूर होते हैं लेकिन इससे पक्षियों को चोट नहीं लगती, बस वे वहां पैर नहीं जमा पाते.
इसके साथ ही ट्रांसपैरेंट नायलॉन जाली लगाकर भी आप अपनी बालकनी को पूरी तरह सुरक्षित कर सकते हैं. इससे ताजी हवा और रोशनी तो आएगी, लेकिन कबूतरों आने बंद हो जाएंगे.
साफ-सफाई का रखें ध्यान
कबूतर अक्सर उन्हीं जगहों पर आते हैं जहां उन्हें दाना या पानी मिलता है. ध्यान रखें कि बालकनी में खाने की कोई चीज न गिरी हो. अगर वहां गमले हैं, तो उनकी नियमित सफाई करें. एक बार जब कबूतरों को यह पता लग जाएगा कि वहां उनके खाने के लिए कोई चीज नहीं है तो वे वहां नहीं आएंगे.
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