गुरुद्वारे की रसोई से दुनिया के मंच तक, जानें सेलिब्रिटी शेफ Vikas Khanna की कहानी – Khanna educational background time influential people list ngix


TIME मैगजीन 2026 ने सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना को मैन ऑफ एक्सट्राऑर्डिनरी हार्ट वाला बताया है. विकास खन्ना किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. उनके इस उपलब्धि के बाद से लोग उनके बारे में और जानना चाहते हैं. वे इस लिस्ट में शामिल 3 भारतीय मूल की हस्तियों में शामिल हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर उन्होंने कहा से पढ़ाई की है या वह शेफ कैसे बनें. उनकी इस जर्नी में किसने सबसे अहम भूमिका निभाई है.

कौन हैं विकास खन्ना?

विकास का जन्म 14 नवंबर, 1971 को पंजाब के अमृतसर में हुआ. उनके पिता का नाम देविंदर खन्ना और मां का नाम बिंदु खन्ना है. विकास ने अमृतसर के सेंट फ्रांसिस स्कूल से पढ़ाई की है. 17 साल की उम्र में उन्होंने केटरिंग बिजनेस शुरू किया. इसके बाद साल 1991 में मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन से होटल मैनेजमेंट में बैचलर्स किया. इतना ही नहीं उन्होंने ताज ग्रुप ऑफ होटेल्स और द ओबेरॉय ग्रुप जैसे बड़े संस्थान से उन्होंने अप्रेंटिसशिप की. कलिनरी इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका (CIA), न्यूयॉर्क से एडवांस्ड कलिनरी डिप्लोमा किया. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में डिप्लोमा किया.

साल 2001 में शुरू किया ये मिशन

साल 2001 में विकास खन्ना ने फूड सिक्यॉरिटी के साथ साउथ एशियन किड्स इन्फिनिट विजन फाउंडेशन की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने साल 2010 में न्यूयॉर्क में जुनून रेस्टोरेंट खोला. विकास न केवल एक शेफ हैं बल्कि वह एक लेखक, फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी हैं. विकास इंडियन क्विजीन को अपने ऑथेंटिक रूप में इंटरनेशनल स्टेज पर ले जाने के लिए जाने जाते हैं.

स्कूल में होते थे बुली

बता दें कि विकास का जन्म 1971 में पंजाब में क्लबफुट कंडिशन के साथ हुआ था. ये एक तरह का जन्मजात फुट डिफॉर्मिटी है. इसमें पैस की नसें छोटी होती है जिसकी वजह से पैर अंदर और नीचे की ओर मुड़ जाता है, जिससे पैर सीधे जमीन पर नहीं रख पाते. इसकी वजह से स्कूल में बच्चे उन्हें बुली करते थे.

घर और गुरुद्वारे में काम कर खाना बनाना सीखा

विकास ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वह अपनी दादी के साथ बहुत समय बिताते थे. वह उन्हें अक्सर गुरुद्वारे लेकर जाती थी. कभी रोटियां बेलते, सब्जियां काटते, तो कभी बर्तन धोकर या लंगर परोसकर सेवा करते. ऐसे खाना खिलाने के प्रति उनका प्यार और गहरा होता गया. उन्होंने ये भी बताया कि उनकी दादी को खाना बनाना बहुत पसंद था, जिसकी वजह से खाना बनाने की ओर उनका रुझान बढ़ा. बहुत कम उम्र से ही वे खाना बनाने लगे थे.

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