लखनऊ का ‘कातिल’ पिता: पहले गला घोंटकर ली बेटी की जान, फिर मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत, ऐसे खुली पोल – Father Arrested For Killing Minor Daughter Over love affair lclam


लखनऊ के चिनहट निवासी विजय कुमार चौबे ने 14 अप्रैल को अपनी 16 वर्षीय बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बाराबंकी के बड्डूपुर में फेंक दिया. आरोपी ने अपनी बेटी के कथित संबंधों से नाराज होकर दोस्त अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. पहचान छिपाने के लिए उसने बेटी का चेहरा तेजाब से जला दिया और फिर लखनऊ लौटकर खुद ही आईजीआरएस (मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल) पर उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करा दी. पुलिस ने मामले की तहकीकात करते हुए आरोपी को गोंडा से गिरफ्तार कर लिया है. इस केस को सुलझाने में एक पुरानी ऑडियो क्लिप और आरोपी के पिता के संदेह ने मुख्य भूमिका निभाई.

ऑडियो क्लिप ने पलटा पूरा मामला

पुलिस जब मामले की जांच कर रही थी, तो वह उस युवक तक पहुंची जिससे किशोरी का पहले संपर्क था. उस युवक ने पुलिस को एक बेहद अहम ऑडियो सुनाया. इस ऑडियो में किशोरी ने बताया था कि वह अपने पिता के साथ कहीं बाहर जा रही है और फिलहाल उससे संपर्क न किया जाए. इस सबूत ने पुलिस के शक की सुई सीधे पिता की ओर घुमा दी, क्योंकि पिता ने शिकायत में बेटी के अकेले गायब होने की बात कही थी.

रिटायर्ड इंस्पेक्टर दादा को हुआ बेटे पर शक

डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक, जब चिनहट पुलिस जांच के लिए आरोपी के घर पहुंची तो विजय चौबे फरार मिला. घर पर मौजूद विजय के पिता, जो पुलिस विभाग से रिटायर्ड इंस्पेक्टर हैं, को अपने बेटे की हरकतों पर गहरा शक हुआ. उन्होंने बिना देर किए एक वकील के साथ थाने पहुंचकर पुलिस से अपने ही बेटे के खिलाफ कड़ी जांच की मांग की. अपनों के इसी विरोध और पुलिस की सक्रियता ने कातिल पिता के बचने के सारे रास्ते बंद कर दिए.

झाड़-फूंक के बहाने ले जाकर की हत्या

आरोपी ने पूछताछ में कबूला कि वह 13 अप्रैल को झाड़-फूंक के बहाने बेटी को कार से बाराबंकी ले गया था. 14 अप्रैल को शारदा नहर के पास कार में सो रही बेटी का उसने और उसके दोस्त ने मिलकर गला दबा दिया. विरोध करने के बावजूद उन्होंने तब तक गला दबाया जब तक उसकी मौत नहीं हो गई. शव को नहर में फेंकने की योजना थी, लेकिन भीड़ देखकर उन्होंने सड़क किनारे शव फेंक दिया और चेहरे पर तेजाब डाल दिया ताकि शिनाख्त न हो सके.

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