TMC की पूर्व सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां कोलकाता में जांच एजेंसी ईडी के सामने पेश हुईं. उनको खिलाफ संपत्ति से जुड़े एक घोटाले से संबंधित मामले में जांच चल रही है. नुसरत जहां पर राजारहाट में सीनियर नागरिकों को फ्लैट दिलाने के बहाने धोखाधड़ी का आरोप लगा  था. यह मामला साल 2014-15 की है. बीजेपी नेता शंकु देब पांडा ने सीधे ईडी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले की जांच के सिलसिले में ED ने नुसरत को समन भेजा था, जिसके बाद वे जांच के लिए पेश हुई थीं.

ईडी दफ्तर में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में शंकुदेब पांडा ने दावा किया था कि टीएमसी सांसद नुसरत जहां रियल एस्टेट कंपनी 7 Sense International के डायरेक्टर्स में से एक हैं.

बीजेपी नेता ने दावा किया था कि इंडियन ओवरसीज बैंक के करीब 429 कर्मचारियों को बाहरी इलाके में अपार्टमेंट देने के बदले में धोखा मिला था. घर देने के वादे के साथ कंपनी ने ग्राहकों से डाउन पेमेंट के तौर पर मोटी रकम भी ली थी.

डूब गया खरीदारों का पैसा!

अब कोलकाता की 7 Sense इंटरनेशनल कंपनी भी ईडी जांच के दायरे में है. हालांकि, अभी तक जिन लोगों से पैसा लेकर अपार्टमेंट देने का वादा रियल एस्टेट फर्म की तरफ से किया गया था, उनमें से किसी खरीददार को अपना पैसा तक वापस नहीं मिला है.

मामला तूल पकड़ने के बाद आजतक से साथ बातचीत में बीजेपी नेता शंकुदेब पांडा ने कई दावे किए थे. उन्होंने कहा था, “यह बहुत बड़ा घोटाला है. टीएमसी सांसद नुसरत जहां उस कंपनी से जुड़ी हुई हैं, जिसने लोगों से 5.50 लाख रुपये लिए थे. कंपनी की शुरुआत 2014 में हुई थी, लेकिन बायर्स से पैसे लेने के बाद अब तक किसी को कोई फ्लैट नहीं दिया गया है.” उन्होंने ये भी कहा था कि इस मामले में स्थानीय पुलिस भी शिकायत दर्ज नहीं कर रही थी, तब आखिरकार धोखा खाए लोगों को कोर्ट का रुख करना पड़ा और ये मामला सुर्खियों में आया.

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