UP Board 10th Topper History: यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. आज शाम 4 बजे जैसे ही रिजल्ट का पिटारा खुलेगा, प्रदेश को नए टॉपर्स मिलेंगे. लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा नाम है, जिसका जिक्र हर साल होता है, वो है सौम्या पटेल. साल 2016 में रायबरेली की इस बेटी ने जो लकीर खींची थी, वह पिछले 10 सालों में कोई नहीं लांघ पाया है.
क्या है सौम्या का वो ‘अजेय’ रिकॉर्ड?
बता दें कि साल 2016 में सौम्या पटेल ने यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा में 98.67 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश को चौंका दिया था. वह रायबरेली के ‘विद्याभोग पब्लिक इंटर कॉलेज’ की छात्रा थीं. सौम्या ने 600 में से 592 अंक हासिल किए थे. उनके अंकों का गणित कुछ ऐसा था कि देखने वाले दंग रह गए थे:
साइंस: 100/100
हिंदी व इंग्लिश: 99/100
मैथ्स: 98/100
संघर्ष से निकली सफलता
सौम्या मूल रूप से सरांवा गांव (अमावां) की रहने वाली थीं. गांव में अच्छे स्कूल न होने के कारण वह अपनी बुआ के घर रहकर पढ़ाई करती थीं. एक साधारण किसान की बेटी होने के बावजूद सौम्या के हौसले आसमान छू रहे थे. उन्होंने अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए कहा था, ‘जितना पढ़ो, ध्यान से पढ़ो और रिवीजन कभी मत छोड़ो.’
आईएएस (IAS) बनने का है सपना
सौम्या ने उस वक्त बताया था कि वह यूपीएससी टॉपर टीना डाबी से बेहद प्रेरित हैं और खुद भी एक आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं. साल 2024 में प्राची निगम (98.50%) ने इस रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश जरूर की, लेकिन सौम्या पटेल आज भी यूपी बोर्ड के इतिहास की ‘ऑल टाइम टॉपर’ बनी हुई हैं.
रिजल्ट चेक करने का सबसे आसान तरीका:
आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर जाएं.
होमपेज पर 10वीं/12वीं रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.
अपना रोल नंबर दर्ज करें और सबमिट करें.
आपका रिजल्ट स्क्रीन पर होगा, इसे भविष्य के लिए सेव कर लें.
बता दें कि रायबरेली के सरांवा गांव के लोग आज भी सौम्या की मिसाल देते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल वो यूपीएससी की तैयारी में व्यस्त हैं. गांव वालों का कहना है कि सौम्या जब भी वापस लौटेगी, तो वह जिले की IAS अधिकारी बनकर ही लौटेगी. उनके पिता (जो एक किसान हैं) ने अपनी बेटी को हर कदम पर सपोर्ट किया, भले ही उन्हें घर से दूर अपनी बुआ के यहां रहकर पढ़ना पड़ा.
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