मध्य प्रदेश के छतरपुर में 108 एंबुलेंस से कॉलेज छात्रा मिलने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए तैनात एंबुलेंस में छात्रा बैठी मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पूरे जिले में चर्चा तेज हो गई है.
जानकारी के मुताबिक, यह एंबुलेंस 108 एम्बुलेंस सेवा के तहत संचालित हो रही थी. घटना 20 अप्रैल की दोपहर करीब 3:12 बजे की बताई जा रही है, जब एंबुलेंस शहर के छत्रसाल चौराहे पर देखी गई और उसके अंदर एक कॉलेज छात्रा बैठी नजर आई.
बताया गया कि एंबुलेंस के पायलट भगत सिंह यादव और कर्मचारी जितेंद्र मिश्रा ने छात्रा को एंबुलेंस में बैठाया और शहर से बाहर फोर लेन की ओर निकल गए. इस दौरान स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया.
एंबुलेंस का पीछा और सड़क पर हंगामा
स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस का पीछा करते हुए मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया. पीछा करते देख पायलट ने एंबुलेंस की रफ्तार बढ़ाई और गाड़ियों को कट मारते हुए आगे निकलने की कोशिश की, जिससे पीछा कर रहे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया.
कुछ दूर जाकर लोगों ने अपनी गाड़ी आगे लगाकर एंबुलेंस को रोक लिया. मौके पर पायलट और लोगों के बीच बहस भी हुई. लोगों ने एंबुलेंस का दरवाजा खोलने की मांग की, जिसके बाद दरवाजा खोला गया.
दरवाजा खुलते ही अंदर कॉलेज की छात्रा बैठी मिली, जिसका वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड कर लिया. यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया.
प्रशासनिक चुप्पी और कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर जब बृजेंद्र सिंह से आजतक ने फोन पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने ऑन कैमरा कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले में बोलने की अनुमति नहीं है.
उन्होंने भोपाल हेड ऑफिस का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश मीडिया प्रभारी तरुण सिंह ही आधिकारिक प्रतिक्रिया देंगे और उन्हें बयान देने से रोक रखा गया है.
वहीं, मामले में कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस पायलट भगत सिंह यादव को टर्मिनेट कर दिया गया है. घटना के बाद से एंबुलेंस सेवा और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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