तारीख 22 अप्रैल, जगह मुरादाबाद के डबल फाटक टावर वाली गली. घर के अंदर सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन माहौल में खामोशी कुछ और ही कहानी कह रही थी. पति-पत्नी के बीच जिम जाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा उस दिन आखिरी बार हुआ. गुस्सा बढ़ा… आवाजें थमीं… और फिर एक वार ने सब खत्म कर दिया. कुछ देर बाद उसी घर से ‘हादसे’ की सूचना बाहर आई, लेकिन पुलिस पहुंची तो सन्नाटे के पीछे छिपी सच्चाई धीरे-धीरे सामने आने लगी.

यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक ऐसे रिश्ते का अंत है, जो धीरे-धीरे अविश्वास और तनाव में उलझता चला गया. स्क्रैप कारोबारी शोभित गुप्ता और उनकी पत्नी पूनम गुप्ता के बीच लंबे समय से जिम जाने को लेकर विवाद चल रहा था.  यह घर के भीतर रोज की खींचतान का कारण बन चुका था. पुलिस जांच में सामने आया कि शोभित अपनी पत्नी के चरित्र पर शक नहीं करता था, लेकिन जिम के माहौल को लेकर उसके मन में गहरी असहजता थी. उसे लगता था कि जिम में काम करने वाले ट्रेनर महिलाओं को गलत नजर से देखते हैं और उन्हें बहकाने की कोशिश करते हैं. यही सोच धीरे-धीरे उसके व्यवहार में उतरती चली गई. शुरुआत में यह सिर्फ बहस थी. फिर बहस झगड़े में बदली और झगड़ा तनाव में. घर के भीतर की यह खामोशी बाहर किसी को सुनाई नहीं देती थी, लेकिन अंदर हालात बदल रहे थे.

जब गुस्सा काबू से बाहर हो गया

22 अप्रैल को भी वही मुद्दा उठा जिम जाना. लेकिन इस बार बात आगे बढ़ गई. पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला बढ़ गया. गुस्से में आकर शोभित ने दुकान के शटर का लोहे का हैंडल उठाया और पूनम के सिर पर वार कर दिया. वार इतना तेज था कि पूनम की मौके पर ही मौत हो गई. कुछ ही सेकंड में एक परिवार की पूरी दुनिया बदल चुकी थी.

सच छिपाने की कोशिश

वारदात के बाद शोभित घबरा गया. उसने तुरंत कोई शोर नहीं मचाया. पुलिस के मुताबिक, उसने पहले घर के भीतर हालात संभालने की कोशिश की. उसने पूनम के शव को बेड पर लिटा दिया, जैसे वह घायल हो. फिर कई घंटे तक इंतजार करता रहा शायद यह सोचकर कि कहानी को कैसे पेश किया जाए. शाम होते-होते उसने एंबुलेंस और डायल 112 पर कॉल किया और बताया कि उसकी पत्नी गिरकर घायल हो गई है.

पुलिस आई और कहानी बदलने लगी

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पहली नजर में मामला साधारण नहीं लगा. चोट की प्रकृति और घटनास्थल के हालात उस कहानी से मेल नहीं खा रहे थे, जो बताई जा रही थी. जांच अधिकारियों ने जब पूछताछ शुरू की, तो शोभित के जवाब बदलने लगे. सख्ती बढ़ी, तो उसकी कहानी टूटने लगी. आखिरकार उसने कबूल कर लिया कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या है.

बरामद हुआ हथियार, दर्ज हुआ केस

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे का हैंडल बरामद कर लिया. मृतका के भाई की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. मामले की पुष्टि करते हुए रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.

घर में सन्नाटा, बच्ची के सवाल

इस घटना के बाद सबसे ज्यादा असर उस सात साल की बच्ची पर पड़ा है, जिसने एक ही दिन में अपनी मां को खो दिया. घर में अब सन्नाटा पसरा हुआ है. रिश्तेदारों की भीड़ है, लेकिन उस बच्ची के सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है. पड़ोस में रहने वाले लोग इस घटना से स्तब्ध हैं. उनके लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि जिस घर में रोजमर्रा की जिंदगी चलती दिखती थी, वहां इतना बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि मामूली लगने वाला विवाद इस हद तक पहुंच सकता है.

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