भारत ने पिछले साल अपने बनाए हुए स्मार्टफोन्स सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में बेचे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने साल 2025 में स्मार्टफोन एक्सपोर्ट में 8% की ग्रोथ दर्ज की है. जिसकी वजह से 28 लाख करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट हुआ है.
साल 2025 के ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत अब पीछे नहीं है. बल्कि अपने नए विज़न और टेक्नोलॉजी को गंभीरता से ले रहा है और इनोवेशन की कोई कमी नहीं है.
स्मार्टफोन के एक्सपोर्ट में भारत ने बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है
पहली बार ऐसा हुआ है कि स्मार्टफोन भारत की नंबर वन एक्सपोर्ट कैटेगरी बन गया है. पारंपरिक इंडस्ट्रीज़ से हटकर, अब लगभग हर 4 में से 1 स्मार्टफोन भारत में बन रहा है और ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट किया जा रहा है. ये सभी उपलब्धियां भारत ने स्मार्टफोन इंडस्ट्री में पहली बार हासिल की हैं.
इस ग्रोथ में माइक्रोमैक्स बनाने वाली भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड का बड़ा हाथ है जानिए कैसे?
Bhagwati Products Limited, जो पहले Micromax Informatics के फोन बनाती थी, अब अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर चुकी है. अब यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) प्रोवाइड करती है और भारत की टॉप 5 एक्सपोर्ट कंपनियों में शामिल हो गई है.
यह कंपनी Vivo, Oppo और Realme जैसी कंपनियों के लिए भारत में प्रोडक्शन करती है. ये सभी हाई-वॉल्यूम ब्रांड हैं. इसी वजह से कंपनी देश की टॉप मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल हो गई है.
PLI स्कीम का बड़ा हाथ!
भारतीय सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम की मदद से लोकल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को काफी बढ़ावा मिला है. इस स्कीम के तहत उन कंपनियों को आर्थिक लाभ मिलता है जो भारत में उत्पादन बढ़ाती हैं और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देती हैं.
कैसे हो पाया ये मुमकिन?
Apple Inc. और Samsung Electronics इन दोनों कंपनियों ने भारत को मैन्युफैक्चरिंग के लिए चुना है. Apple ने तो खास तौर पर चीन के बाद भारत को एक वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाया है. जिसकी वजह से बड़ा एक्सपोर्ट नंबर देखने को मिल रहा है. इसके साथ ही, भारतीय स्मार्टफोन इंडस्ट्री तेजी से ग्रो कर रही है.
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