पाकिस्तान ने आखिरकार कर्ज लेकर UAE का लोन पूरी तरह से चुका दिया है. पाकिस्तन ने सऊदी अरब से कर्ज लेकर, उतना ही अमाउंट यूएई को देकर कर्ज चुकाने का दावा किया है. कुछ दिन पहले ही यूएई ने पाक्स्तिान से अपने पैसे वापस मांगे थे. जिसके बाद पाकिस्तान कई बार मनाने की कोशिशे करता रहा, लेकिन जब यूएई ने सख्ती की, तब जाकर पड़ोसी मुल्क ने सऊदी अरब के सामने हाथ फैलाया.
स्ट्रेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने जानकारी दी है कि उसके देश ने यूएई को बकाया 3.45 अरब अमेरिकी डॉलर का पूरा कर्ज लौटा दिया है. पाकिस्तान ने यह पैसा सऊदी अरब और कतर जैसे देशों से लोन लेकर यूएसई को दिया है. इस कर्ज को लेकर पाकिस्तान और यूएई के बीच तनाव भी काफी बढ़ चुका है.
अपना पैसा वापास मांगने की वजह से यूएई पर पाकिस्तानी भड़के हुए हैं और जहरीले बयान दे रहे हैं. पाकिस्तान के एक सीनेटर ने तो यूएई को बेचारा कहकर उसका मजाक उड़ाया था और भारत संग दोस्ती को लेकर ताने दिए. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने डॉन से बातचीत में कहा कि उसके मुल्क ने यह यूएई का लोन लौटाने का फैसला ‘राष्ट्रीय गरिमा’ को बरकरार रखने के लिए लिया है.
सऊदी से कितना लिया कर्ज?
पाकिस्तान के अधिकारी ये ज्ञान तब दे रहे हैं, जब उनके पास ज्यादा विदेशी भंडार नहीं है और एक छोटा कर्ज देने के लिए भी उन्हें किसी अन्य देशों से कर्ज लेना पड़ रहा है. सऊदी अरब ने पाकिस्तान को कुछ दिन पहले ही 3 अरब डॉलर का लोन दिया था. यह राशि दो किस्तों में आई, जिसमें दूसरी किस्त के रूप में एक अरब डॉलर 21 अप्रैल को मिले.
कभी पाकिस्तान के इकोनॉमी मेंटेन के लिए दिया था पैसा
वहीं स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा कि यह भुगतान 23 अप्रैल को पूरा किया गया. 1 अरब डॉलर की राशि अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट को चुकाई गई, जबकि 2.45 अरब डॉलर का भुगतान पिछले सप्ताह ही कर दिया गया था. यूएई ने पाकिस्तान के भुगतान संतुलन को सहारा देने के लिए यह पैसा दिया था. हालांकि अभी ये क्लियर नहीं है कि यूएसई ने पाकिस्तान से पैसा वापस क्यों मांग लिया?
गौरतलब है कि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय से 3 अरब डॉलर मिले थे. सऊदी अरब की यह सहायता पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के उद्देश्य से दी जा रही व्यापक वित्तीय सहायता का एक हिस्सा है.
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब द्वारा पाकिस्तान को दिया जाने वाले पैसे से यूएई के लोन रिपेमेंट से जुड़े उसके वित्तीय घाटे में अरबों डॉलर की कमी को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद थी. पाकिस्तान गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है और अनुमानित रूप से लगभग 16.4 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है.
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