अंतरिक्ष से लौटते ही बेशुमार प्यार, NASA की क्रिस्टीना और उनके डॉग का वीडियो वायरल – christina koch dog reunion nasa artemis mission viral video mdsb ntc


ज़रा सोचिए, आप अपना घर और अपने सबसे अच्छे दोस्त को छोड़कर, चांद का चक्कर लगाने इतिहास रचने के लिए निकल पड़ते हैं और जब आप वापस आते हैं, तो आपका दोस्त ठीक उसी जगह पर पूंछ हिलाता हुआ मिलता है, जहां आपको उम्मीद थी. वह अपनी खुशी को रोक न पाते हुए  आपका स्वागत करने के लिए तैयार रहता है.

Artemis 2 क्रू का हिस्सा रहीं NASA की अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच को घर लौटने पर ठीक ऐसा ही एक्सपीरिएं  हुआ. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक दिल को छू लेने वाले वीडियो में नजर आता है कि कोच घर लौटीं तो उनके रेस्क्यू डॉग, सैडी ने उनका बेहद खुशी से उनका इस्तकबाल किया. सैडी, जिसे प्यार से ‘सैडी लू’ भी कहा जाता है, कोच के दरवाज़े से अंदर आते ही ज़ोर-ज़ोर से भौंकने लगी, खुशी से गोल-गोल घूमने लगी और पूरी मस्ती में एक खिलौना पकड़ लिया.

कोच ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मुझे अब भी पूरा यकीन है कि इस मिलन में ज़्यादा खुश मैं ही थी. सैडी ने मुझे वह सब कुछ सिखाया. जो मुझे एक ‘इमोशनल सपोर्ट एनिमल’ होने के बारे में जानने की ज़रूरत थी.”

उनके लौटने के कुछ ही देर बाद पोस्ट किया गया यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो गया और इसने दुनिया को यह याद दिलाया कि एक पालतू जानवर का बिना शर्त प्यार हमेशा एक जैसा ही रहता है, चाहे सफ़र घर के पास वाली दुकान तक का हो या फिर चांद के चक्कर लगाने का लंबा सफर हो.

एक ऐतिहासिक मिशन: आर्टेमिस 2

NASA के आर्टेमिस 2 मिशन ने गहरे अंतरिक्ष में मानवता की वापसी की दिशा में एक अहम पड़ाव हासिल किया.इसे 2 अप्रैल, 2026 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 39B से शक्तिशाली स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया गया था. अंतरिक्ष में करीब 10 दिनों की इस यात्रा के दौरान, ओरियन अंतरिक्ष यान का चंद्रमा के पास से गुज़रने वाले रास्ते पर परीक्षण किया गया.

यह मिशन 11 अप्रैल, 2026 को भारतीय समयानुसार (IST) सुबह करीब 5:38 बजे, प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से उतरने के साथ पूरा हुआ.

नासा की अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच की तस्वीर भूस्खलन के बाद बचाए जाने के बाद ली गई। (फोटो: रॉयटर्स)

चांद के चारों ओर जाने वाली पहली महिला

क्रिस्टीना कोच के लिए, यह मिशन एक अभूतपूर्व व्यक्तिगत उपलब्धि थी. वह इतिहास की पहली ऐसी महिला बनीं, जिन्होंने पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे बढ़कर चांद के चारों ओर यात्रा की.

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(रिपोर्ट- आर्यन राय)



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