TCS Scandal: महिलाओं के उत्पीड़न और जबरन कन्वर्जन का पैटर्न, अंडरकवर ऑपरेशन से हुए नए खुलासे – nashik tcs bpo conversion case victims rise sit investigation updates lclar


नासिक के TCS BPO कैंपस में कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के अनुसार अब तक इस मामले में 12 पीड़ित सामने आ चुके हैं और यह संख्या आगे और बढ़ सकती है. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ शुरुआती आंकड़ा है और कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं.

अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें 8 महिलाएं और एक पुरुष कर्मचारी शामिल हैं. पहली एफआईआर में दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर यौन शोषण, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धर्म परिवर्तन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. यह मामला अब गंभीर कानूनी और सामाजिक बहस का विषय बन गया है.

जांच में सामने आया है कि छह टीम लीडर्स और एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान मिलकर कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे. आरोप है कि पीड़ितों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गलत तरीके से छुआ गया और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई. साथ ही उन पर धार्मिक प्रथाओं को अपनाने का दबाव बनाया गया.

12 पीड़ित सामने आने से बढ़ा मामला

SIT सूत्रों के अनुसार तीन और पीड़ितों की पहचान हुई है, जिनसे टीम ने बातचीत की है. हालांकि सामाजिक दबाव और बदनामी के डर के कारण उन्होंने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है. जांच एजेंसियों का कहना है कि ऐसे और भी लोग सामने आ सकते हैं जिन्होंने अभी शिकायत नहीं की है. SIT का मानना है कि यह पूरा मामला एक संगठित पैटर्न की ओर इशारा करता है. जांच टीम को मिले इनपुट और कर्मचारियों की जानकारी से यह संकेत मिल रहे हैं कि इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं और यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन भी चलाया. चार महिला कांस्टेबल्स को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में कैंपस में तैनात किया गया. इन अधिकारियों की रिपोर्ट ने जांच में अहम भूमिका निभाई और कई अंदरूनी गतिविधियों का खुलासा किया. जांच के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आया है. व्हाट्सएप चैट में इमरान नाम के शख्स का जिक्र मिला है, जिसे मलेशिया से जुड़ा बताया जा रहा है. हालांकि उसकी वास्तविक पहचान और भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है और SIT इसकी जांच कर रही है.

डिजिटल सबूतों में यह भी सामने आया है कि आरोपी, जिनमें HR एग्जीक्यूटिव निदा खान शामिल है, एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जुड़े थे. इस ग्रुप में कर्मचारियों पर चर्चा, उन्हें टारगेट करने और रणनीति बनाने की बातचीत होती थी. यह नेटवर्क कई स्तरों पर काम कर रहा था. जांच में यह भी पाया गया है कि कई चैट डिलीट कर दी गई हैं. अब फॉरेंसिक टीम इन चैट्स को रिकवर करने की कोशिश कर रही है. SIT का कहना है कि ये डिजिटल सबूत अदालत में मामले की दिशा तय करने में बेहद अहम साबित हो सकते हैं.

फरार निदा खान की तलाश में जुटी पुलिस

मुख्य आरोपी HR एग्जीक्यूटिव निदा खान फिलहाल फरार है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि उसकी भर्ती प्रक्रिया में किसी खास पैटर्न का पालन किया गया था या नहीं. पुलिस ने TCS को पत्र लिखकर निदा खान की भूमिका, भर्ती प्रक्रिया और आंतरिक निगरानी प्रणाली पर स्पष्टीकरण मांगा है. यह भी पूछा गया है कि कंपनी स्तर पर उसकी गतिविधियों पर पहले कोई निगरानी क्यों नहीं की गई. SIT का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस मामले में और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं. पुलिस और जांच एजेंसियां हर पहलू को खंगाल रही हैं और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं.

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नासिक TCS मामला



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