हमारे देश में जब भी रियल एस्टेट में निवेश की बात होती है, तो अक्सर दिल्ली-एनसीआर के नोएडा और गुरुग्राम का नाम सबसे पहले आता है. लेकिन 2026 में निवेश के समीकरण बदल चुके हैं. पश्चिम बंगाल, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता था, अब एक ‘इंफ्रास्ट्रक्चर पावरहाउस’ के रूप में उभर रहा है.

यहां के कुछ शहर न केवल बेहतर रिटर्न दे रहे हैं, बल्कि सुनियोजित विकास और कम एंट्री कॉस्ट के मामले में नोएडा-गुरुग्राम जैसे स्थापित बाजारों को चुनौती दे रहे हैं और सबसे अच्छी बात ये है कि ये अब भी लोगों के बजट में हैं.

नोएडा के सेक्टर-150 और गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड की तरह, कोलकाता का न्यू टाउन तेजी से विकास कर रहा है. यहां की प्रॉपर्टी वैल्यू में सालाना 10-15% की वृद्धि देखी गई है. ये इलाका भी आईटी कंपनियों का हब बन रहा है. यहां टाटा, विप्रो और इन्फोसिस जैसे बड़े आईटी पार्क्स हैं. हाल ही में शुरू हुई मेट्रो की ऑरेंज लाइन ने इसे सीधे एयरपोर्ट और शहर के अन्य हिस्सों से जोड़ दिया है.यहां की कीमतें अभी भी कम हैं, जबकि सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं. यहां अब भी 30 से 40 लाख के बीच आप 2bhk फ्लैट खरीद सकते हैं. जबकि नोएडा और गुरुग्राम में इस रेट में 1bhk मिलना भी मुश्किल है.

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सिलीगुड़ी

सिलीगुड़ी अब केवल टूरिज्म का केंद्र नहीं रहा, बल्कि एक बड़ा लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट हब बन चुका है. सिक्किम, भूटान और पूर्वोत्तर राज्यों से इसकी कनेक्टिविटी इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है. माटीगाड़ा और सेवक रोड जैसे इलाकों में नए टाउनशिप प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं. रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में उछाल के कारण यहां कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग भी बढ़ी है. यहां 30 से 35 लाख रुपये में 2बीएचके फ्लैट मिल जाएगा.

दुर्गापुर

हाल ही में घोषित ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रस्ताव ने दुर्गापुर के रियल एस्टेट मार्केट में जान फूंक दी है. यह शहर अब केवल स्टील सिटी नहीं, बल्कि एक उभरता हुआ एजुकेशनल और आईटी हब भी है, यहां बामुनारा और सिटी सेंटर जैसे इलाकों में प्लॉट्स और मिड-सेगमेंट घरों की भारी मांग है. यहां निवेश की शुरुआती लागत नोएडा की तुलना में बहुत कम है, जिससे भविष्य में ‘कैपिटल एप्रिसिएशन’ की संभावना बहुत अधिक है.यहां 20 लाख तक में आप 2बीएचके फ्लैट खरीद सकते हैं. बेहतर कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल बेल्ट होने के कारण यहां रेंटल इनकम काफी स्थिर है.

आसनसोल

आसनसोल पश्चिम बंगाल का दूसरा सबसे बड़ा शहरी समूह है. माइनिंग और रेलवे के पारंपरिक आधार के साथ-साथ अब यहां मल्टी-यूटिलिटी रिटेल और मिक्स्ड-यूज़ डेवलपमेंट तेजी से हो रहा है. यहां प्रॉपर्टी की कीमतें औसतन ₹2,500 – ₹4,500 प्रति वर्ग फुट तक अभी भी निवेशकों के लिए काफी आकर्षक हैं. टियर-2 शहरों में रहने की बढ़ती चाहत ने यहां लग्जरी टाउनशिप की मांग बढ़ा दी है.

हावड़ा

हावड़ा को अक्सर पुराना शहर माना जाता था, लेकिन नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं और ‘गंगा रिवरफ्रंट’ के विकास ने इसका चेहरा बदल दिया है. कोलकाता मेट्रो का विस्तार और नए पुलों के निर्माण ने हावड़ा को कोलकाता के मुख्य बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के बेहद करीब ला दिया है. कोना एक्सप्रेसवे के किनारे बन रही नई लॉजिस्टिक्स पार्क और रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स इसे नोएडा एक्सटेंशन जैसा ही एक सस्ता और बेहतर विकल्प बनाते हैं.
नोएडा और गुरुग्राम में निवेश के लिए अब बड़ी पूंजी की आवश्यकता होती है. इसके विपरीत, बंगाल के इन शहरों में आप कम बजट में भी प्राइम लोकेशन पर निवेश कर सकते हैं.

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