उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों के आक्रोश सड़कों पर दिखने के बाद सरकार की ओर से लगातार एक्शन हुआ. उपद्रवियों की गिरफ्तारी भी हुई और मजदूरों के वेतन में अंतरिम वृद्धि भी की गई. इस बीच जिला प्रशासन के सिर पर एक और मुसीबत आ खड़ी हुई है. ये है घरों में काम करने वाले मेड्स की मांगें और विरोध प्रदर्शन.मंगलवार को सेक्टर 121 में सोसाइटी के बाहर वेतन वृद्धि को लेकर इन कामगार महिलाओं ने पत्थरबाजी की थी.बुधवार को एक बार फिर सेक्टर 137 के बाहर ये महिलाएं काम बंद कर प्रदर्शन करती दिखी.
‘मैडम लोग बहुत पैसा और सामान देती हैं क्या?’
पूर्वांचल सोसाइटी, इकोसिटी सोसाइटी और एडजेसेंट सोसाइटी से बाहर इन महिला का जमावड़ा दिखा. एक ने कहा- ‘मैडम लोग बहुत पैसा और सामान देती हैं क्या? कोई पैसा नहीं देती है, 6 बजे से उठकर काम पर आते हैं हम तब कमाते हैं. हर साल घर का किराया बढ़ जाता है, एक किलो गैस 500 रुपये की मिल रही है, हम भी क्या करें.’
मंगलवार को सोसाइटी के बाहर किया था पथराव
मंगलवार को यह मामला तब शुरू हुआ, जब नोएडा के सेक्टर 121 स्थित एक सोसाइटी के बाहर कुछ महिलाओं ने अचानक पथराव शुरू कर दिया. ये महिलाएं घरों में काम करने वाली मेड और सफाईकर्मी थीं, जिन्होंने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इसी दौरान सोसाइटी में काम करने वाले अन्य मजदूर भी सड़कों पर उतर आए और जमकर हंगामा व तोड़फोड़ की, जिसके वीडियो भी सामने आए.
सरकार ने की मजदूरी दरों में बढ़ोतरी
इससे पहले श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया था. नई अंतरिम वेतन वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दी गई है. विभिन्न श्रेणियों में मजदूरी में अधिकतम करीब 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है.
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