अमेरिका ने ईरान पर चौतरफा प्रहार किया है. एक तरफ अमेरिका बातचीत के लिए दबाव बना रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिका सैन्‍य कार्रवाई करने की बार-बार चेतावनी दे रहा है. साथ ही आर्थिक तौर पर भी ईरान को चोट पहुंचा रहा है. अमेरिका ने होर्मुज पर नाकाबंदी कर दी है और अब ईरान को एक और बड़ा झटका दे दिया है.

कुछ समय पहले अमेरिका ने रूस के साथ भी ऐसा ही कदम उठाया था, जिसके बाद ग्‍लोबल तनाव फिर से बढ़ गया था. अब एक बार फिर अमेरिका ने ईरान के साथ वही कदम उठाया है. यह कदम अमेरिका के नाकाबंदी करने की कोशिशों के तहत लिया गया है.

दरअसल, रॉयटर्स ने दो अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अमेरिका ने समुद्र में स्थित ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में 30 दिनों की छूट को आगे बढ़ाने का फैसला नहीं किया है. यानी कि अब ये छूट समाप्‍त हो रही है. इसका मतलब है कि ईरान अब किसी को तेल नहीं बेच पाएगा, जिससे ईरान में महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक दबाव बढ़ेगा. साथ ही तेल की कमी होने से दुनिया में तेल की कीमतें ऊपर जा सकती हैं.

ईरान पर अमेरिका का भारी दबाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फैसले से ईरान पर ज्‍यादा आक्रोश दिखाई देता है. अमेरिका चारो तरफ से ईरान पर लगाम लगाना चाहता है. हालांकि इन रोक के बाद भी प्रतिबंधित तेल चीन तक पहुंचता रहा है. अमेरिका द्वारा 20 मार्च को जारी की गई छूट के तहत लगभग 140 मिलियन बैरल तेल वैश्विक बाजारों तक पहुंच सका, जिससे ईरान के साथ संघर्ष के दौरान ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम हुआ. हालांकि अब वित्त सचिव स्‍कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि अब ये छूट समाप्‍त होने वाली है.

अमेरिका ने क्‍यों दी थी छूट?
इजरायल के साथ संघर्ष में ईरान के तेल ठिकानों और मिडिल ईस्‍ट के एनर्जी इंफ्रा पर बड़ा अटैक हुआ था, जिसके बाद तेल सप्‍लाई बाधित हो गई थी और तेल की कीमतें तेजी से बढे थे. इसलिए ग्‍लोबल दबाव को कम करने के लिए अमेरिका ने ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटा दिए थे, लेकिन वह भी समुंद्र में मौजूद तेल से सिर्फ 30 दिनों के लिए. अब ये छूट 19 अप्रैल के बाद समाप्‍त हो जाएगी.

अमेरिका ने ये भी प्रतिबंध लगाए
अमेरिका के वित्त सचिव स्‍कॉट बेसेंट का कहना है कि वाशिंगटन के पास ईरान के साथ अवैध गतिविधियों में शामिल संस्थानों पर लागू करने के लिए कई दंड हैं, जिनमें सेंकेंड्री बैन भी शामिल हैं. उनका कहना है कि अगर ईरान की मदद कोई करता है तो उसपर तुरंत कार्रवाई हो सकती है.

वहीं अमेरिकी वित्त विभाग ने उन देशों और प्रशासनों पर दबाव बढ़ाया है, जो उन बैंकों की मेजबानी कर रहे हैं जिन पर ईरान को धन पहुंचाने का आरोप है. चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान को पत्र भेजे गए, जिनमें ईरानी अवैध गतिविधियों में शामिल बैंकों की पहचान की गई. इससे पहले भी बैंकों को चेतावनी दी गई थी कि ईरान ने अलग-अलग स्थानों पर फर्जी कंपनियों का उपयोग करके अमेरिकी संवाददाता खातों के माध्यम से कम से कम 9 अरब डॉलर का लेनदेन किया था.

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